कन्या महाविद्यालय में हुआ गुरु वंदन कार्यक्रम:वक्ता बोले- भारतीय संस्कृति में गुरु का स्थान सर्वोच्च स्थान, हर पड़ाव पर मार्गदर्शन जरूरी है
शाहपुरा(भीलवाड़ा)-राजेन्द्र खटीक।
शाहपुरा/शाहपुरा में स्थित महाप्रभु स्वामी रामचरण कन्या महाविद्यालय में मंगलवार को अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ, राजस्थान उच्च शिक्षा की स्थानीय इकाई की ओर से ‘गुरु वंदन’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि एवं मुख्य वक्ता डॉ. सत्यनारायण कुमावत ए सी बीओ शाहपुरा, अतिथि रामबक्ष दाखेडा, व्यवस्थापक श्री रामनिवास धाम शाहपुरा,
परमेश्वर सुथार प्रधानाचार्य वरिष्ठ उपाध्याय संस्कृत विद्यालय शाहपुरा एवं महाविद्यालय प्राचार्य डॉ ओमप्रकाश कुमावत की अध्यक्षता समारोह में अतिथियों द्वारा मां सरस्वती की प्रतिमा, एवं स्वामी रामचरण जी महाराज की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्वलन एवं माल्यार्पण के साथ कार्यक्रम का
शुभारंभ हुआ। प्राचार्य डॉ. ओमप्रकाश कुमावत ने अतिथियों का दुपट्टा व तिलक लगाकर स्वागत किया। कार्यक्रम में भारतीय गुरु-शिष्य परंपरा, गुरु के महत्व और वर्तमान समय में उसकी प्रासंगिकता पर विस्तार से चर्चा की गई।कार्यक्रम के मुख्य वक्ता डॉ. सत्यनारायण कुमावत ने गुरु वंदन कार्यक्रम के उद्देश्य और इतिहास पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि
भारतीय संस्कृति में गुरु का स्थान सर्वोच्च माना गया है और व्यक्ति के सर्वांगीण विकास में गुरु की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होती है। उन्होंने गुरु-शिष्य परंपरा को भारत की अमूल्य विरासत बताते हुए वर्तमान समय में भी इसकी उपयोगिता को रेखांकित किया।
संबोधन में कहा कि जन्म से लेकर मृत्यु तक व्यक्ति के जीवन में गुरु का विशेष महत्व रहता है। उन्होंने कहा कि सही दिशा और सकारात्मक मार्गदर्शन के लिए प्रत्येक व्यक्ति को जीवन में किसी न किसी गुरु के सानिध्य की आवश्यकता होती है। स्थानीय
महाविद्यालय प्राचार्य डॉ. ओमप्रकाश कुमावत ने कार्यक्रम के दौरान संगठन की गतिविधियों और गुरु वंदन कार्यक्रम के उद्देश्य की जानकारी दी। कार्यक्रम का सफल संचालन पूर्णा पारीक ने किया, जबकि उपस्थित छात्राओं व संकाय सदस्यों में सरिता छीपा, रेहाना परवीन, रितु सेन, मीना शर्मा, ओमप्रकाश वर्मा, अनुराग शर्मा, अमित शर्मा, लेखराज पाराशर, बृजेश शर्मा ने कार्यक्रम में सक्रिय भागीदारी निभाई।