आलोक सेंट्रल स्कूल में गजेन्द्र गोपाल शास्त्री का स्वागत विद्यार्थियों को दिए संस्कार और अनुशासन के संदेश

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शाहपुरा (भीलवाड़ा)-राजेन्द्र खटीक।

शाहपुरा-आलोक सेंट्रल स्कूल में श्री शिव महापुराण के प्रख्यात कथा वाचक का विद्यालय परिवार द्वारा गर्मजोशी एवं श्रद्धापूर्वक स्वागत एवं अभिनंदन किया गया।इस अवसर पर कथाचार्य ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए मोबाइल फोन के अत्यधिक उपयोग से होने वाले दुष्प्रभावों पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि आधुनिक तकनीक का

संतुलित उपयोग आवश्यक है, लेकिन इसकी अति विद्यार्थियों के अध्ययन, एकाग्रता और व्यक्तित्व विकास पर प्रतिकूल प्रभाव डालती है।अपने प्रेरणादायी उद्बोधन में शास्त्री जी ने एक आदर्श विद्यार्थी के पाँच प्रमुख लक्षणों की जानकारी देते हुए सनातन संस्कृति के मूल्यों को जीवन में आत्मसात करने का संदेश दिया।

उन्होंने कहा कि विद्यार्थी का लक्ष्य केवल शैक्षणिक सफलता प्राप्त करना नहीं, बल्कि संस्कारयुक्त शिक्षा ग्रहण कर राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखना भी होना चाहिए। उन्होंने विद्यार्थियों से अनुशासन, परिश्रम, सेवा और नैतिक मूल्यों के साथ जीवन में आगे बढ़ने का आह्वान किया।

कार्यक्रम के अंत में संस्था प्रधान विरेंद्र कुमार व्यास ने पूज्य शास्त्री जी का विद्यालय में पधारकर विद्यार्थियों का मार्गदर्शन करने एवं अपना अमूल्य समय प्रदान करने के लिए आभार व्यक्त किया।इस अवसर पर उषा शर्मा, सुशील कुमार गोड़, दुर्गा लाल धाकड़, शैलेंद्र सिंह राणावत, आरती शर्मा, सुषमा सेन, विष्णु जांगिड़, राजेश सेन, मुकेश तेली, गुड्डी बानो, किशन लाल धाकड़, मुरली बंजारा, देव किशन कोली, गौतम तिवाड़ी, अंजली शर्मा, चेस्ट शर्मा, अंशिका चेचाणी,

आयुष आचार्य, सीताराम गुर्जर, धीरेंद्र पांचाल, खुशबू राठौड़, स्नेहा सेन, नैना पांचाल, फरजाना बानो, सुमन यादव, किरण जांगिड़, पायल नायक, रेखा प्रजापत, दिव्या श्रीवास्तव, हेम कंवर, सुचिता कांटिया सहित विद्यालय का समस्त स्टाफ उपस्थित रहा।

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