बारहठ महाविद्यालय में युवा संवाद कार्यक्रम सम्पन्न हुआ
बारहठ महाविद्यालय में युवा संवाद कार्यक्रम सम्पन्न हुआ
शाहपुरा (भीलवाड़ा)-राजेन्द्र खटीक।शाहपुरा।
बारहठ महाविद्यालय में युवा संवाद कार्यक्रम सम्पन्न हुआ जिसमें मुख्य वक्ता डॉ. शंकर लाल माली, प्रान्त कार्यवाह चित्तौड़, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ रहे। मुख्य अतिथि डॉ पुष्करराज मीणा ने प्राचार्य एवं जिला अध्यक्ष अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ भीलवाड़ा रहे एवं कार्यक्रम कन्हैया लाल, माननीय नगर संघचालक शाहपुरा की उपस्थिति में आयोजित हुआ। कार्यक्रम की शुरूआत माँ शारदे एवं भारत माता के चित्र के समक्ष पुष्पाजंलि के साथ सामूहिक वन्दे मातरम से हुई।
युवाओं से संवाद स्थापित करते हुए मुख्य वक्ता ने बताया कि हमारा राष्ट्र शुरूआत से ही सहअस्तित्व के विचार को स्वीकार करता है और जिस प्रकार जड़ व चेतन सहअस्तित्व रहते है वेसे ही हमारे यहाँ की सभी पीढियों परस्पर संवाद से आगे बढ़ती है।
अन्य देशों की तरह हन केवल साम्राज्यवाद में विश्वास नहीं रखते है अपितु सम्पूर्ण विश्व के कल्याण का विचार साथ में लेकर चलते है। हमारे राष्ट्र में मातृ शक्ति का सम्मान सम्पूर्ण विश्व में सबसे ऊपर है जैसे राधा-कृष्ण, गौरी शंकर, सीता-राम इत्यादि में नारी शक्ति पहले रख गया है।
हमारी सांस्कृतिक परम्पराएँ सामाजिक मूल्यों को संर्वधन करती रही है जहाँ हमारे वेद, पुराण, गीता इत्यादि जीवन जीने का रास्ता दिखलाती है। हमारा राष्ट्र प्राचीनकाल में शिक्षा का बहुत बड़ा केन्द्र रहा है जिसमें तक्षशीला, नालन्दा, ओदन्दतपुरी इत्यादि विश्व प्रसिद्ध विश्वविद्यालय रहे है जिसमें अनेक विदेशी विद्धवानो ने अध्ययन किया है जिसके प्रमाण उन विदेशी ग्रेन्थों में प्राप्त होते है।
वसुदेव कुटम्बकम तथा अतिथि देवो भव हमारे जीवन संस्कारों में सम्मिलित है। युवाओं को सोशल मीडिया पर एक विमर्श द्वारा भ्रमित दूषित करने वाली गतिविधियों के प्रति सचेत होना होगा और तर्कशील रहकर किसी नतिजे पर पहुँने की क्षमता विकसित करनी होगी। 2047 तक एक विकसित भारत का सपना साकार करने के लिए युवा शक्ति को अपना सर्वाधिक योगदान देना होगा क्योंकि बदलते वैश्विक परिदृश्य में विज्ञान एवं तकनीकी की सर्वाधित भूमिका है जिसे युवा शक्ति ही संचालित करती है।
उन्होने बताया कि युवा अपनी समस्त समस्याओं को एक संवाद के माध्यम से हल करे क्योंकि आंदोलन अथवा उग्रआंदोलन सदैव ही राष्ट्रीय सम्पति को जहाँ एक ओर नुकसान पहुँचाते है वही सामाजिक, राजनैतिक वेमनस्य उत्पन्न करते है। मुख्य वक्ता ने आगे बताया कि संघ के 100 वर्ष पूर्ण हो जाने के उपलक्ष में संघ अनैक सामाजिक कार्यक्रम सम्पन्न कर रहा है
उसमें युवा संवाद भी एक महत्त्वपूर्ण कार्यक्रम है। इस संवाद कार्यक्रम में अनैक विद्यार्थियों ने अपने प्रश्न पूँछ कर अपनी जिज्ञासाएँ शान्त की। विद्यार्थियों ने प्रश्न किये कि हमारे पारम्परिक ज्ञान को पाठ्यसामग्री का हिस्सा क्यों नहीं बनाया जा रहा है, स्कूलों एवं महाविद्यालयों में काउस्लिंग की व्यवस्था क्यों नहीं की जाती जबकि एक युवा को काउस्लिंग की सर्वाधिक आवश्यकता होती है।
इसी प्रकार परीक्षाओं में प्रश्नपत्र लीक जैसे भ्रष्टाचार को रोकने के लिए कम्प्यूटर आधारित परीक्षा क्यों नहीं करवायी जाती है। मुख्य अतिथि ने युवा संवाद कार्यक्रम की रूपरेखा प्रस्तुत की। कार्यक्रम अनेक गणमान्य व्यक्ति एवं 200 से अधिक युवाओं ने भाग लिया।