राजनगर का चतुर्भुज खेल: एक तरफ 8,96,306 रुपये की सड़क-नाला योजना,

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दूसरी तरफ लाइब्रेरी और नाट्य परिषद की जमीन पर सवाल

प्रदीप कुमार नायक स्वतंत्र लेखक एवं पत्रकार

बिहार के मधुबनी जिला का राजनगर, जो कभी मिथिला नरेश की राजधानी हुआ करता था, आज उसी राजनगर बाजार में दो ऐतिहासिक संस्थाओं और तीन नालों की कहानी चर्चा में है

एक है राजनगर पब्लिक लाइब्रेरी और दूसरी उसी के परिसर में संचालित सेवा समाज नाट्य परिषद। स्थानीय अभिलेखों के अनुसार एक का निबंधन सोसाइटी रजिस्ट्रेशन एक्ट 21,1860 के तहत निबंधित 1947 और दूसरी का निबंधन संख्या 28 / 63-64 वर्ष 1931 में बताया जाता है।

इसी परिसर के चारों तरफ पिछले कुछ महीनों में ग्रामीण कार्य विभाग, मधुबनी द्वारा कराए गए सड़क और नाला निर्माण को लेकर सवाल खड़े हुए हैं। जमीन पर जो दिख रहा है और कागज पर जो योजना है, उसमें अंतर का आरोप है।

इसी अंतर को कागज पर लाने के लिए 24 अगस्त 2026 को चार RTI आवेदन एक साथ दायर किए गए।*पहला मामला: चट्टी रोड से गांधी चौक तक – एक सड़क, दो नाले का सवाल*पहला RTI (IPO No. 74F 500823) ग्रामीण कार्य विभाग, मधुबनी को भेजा गया। इसमें कहा गया है कि राजनगर चट्टी रोड से गांधी चौक पब्लिक लाइब्रेरी के पास PCC सड़क का निर्माण विभाग द्वारा किया गया है।मौके पर दो नाले दिखने का आरोप है:1.

एक नाला जो सड़क के बीच में बना दिया गया।2. दूसरा नाला जो लाइब्रेरी की जमीन से सटाकर, पुराने नाले को तोड़कर बनाया गया।इस RTI में 5 बिंदुओं पर एस्टीमेट, कार्यादेश, तकनीकी नक्शा, नाला बीच में बनाने का तकनीकी कारण और अनुमति, एजेंसी का नाम-पता, QC रिपोर्ट, भुगतान की तिथि-राशि,

राजनगर प्रखंड की 87 सड़कों की जांच में इस सड़क का नाम है या नहीं, और लाइब्रेरी की सरकारी जमीन पर नाला तोड़ने की अनुमति से संबंधित दस्तावेज मांगे गए हैं।*दूसरा मामला: लाइब्रेरी के पीछे 8,96,306 रुपये की योजना*दूसरा RTI (IPO No. 74F 500826) सबसे विस्तृत है।

इसमें विभाग द्वारा ही स्वीकृत राशि 8,96,306 रुपये का जिक्र है, जो गांधी चौक से पूरब लाइब्रेरी के पीछे PCC सड़क एवं नाला निर्माण के लिए स्वीकृत बताई गई है।

आरोप है कि उक्त स्थान पर सड़क नहीं बनी, सिर्फ लाइब्रेरी आंगन में नाला बना है। इसमें 9 बिंदुओं पर सूचना मांगी गई है – प्रशासनिक स्वीकृति और प्राक्कलन की कॉपी, अब तक निकासी की राशि, तिथि, बिल संख्या, कार्यादेश और एग्रीमेंट, मापी पुस्तिका MB Book की प्रमाणित कॉपी,

कार्य पूर्णता प्रमाण-पत्र, पत्रिका में वर्णित स्थान के बजाय लाइब्रेरी आंगन में नाला किस आदेश पर बना, वर्तमान में बन रहे नाले का फंड/योजना/वित्तीय वर्ष, निरीक्षण करने वाले पदाधिकारी का प्रतिवेदन और गलत स्थान पर कार्य की शिकायत पर कार्रवाई।*तीसरा और चौथा मामला: दोनों संस्थाओं के हिसाब का सवाल*बाकी दो RTI (IPO No. 74F

500824 और 74F 500825) जिला लोक सूचना कोषांग, मधुबनी को भेजे गए हैं। एक RTI पब्लिक लाइब्रेरी से संबंधित है जिसमें निबंधन प्रमाण-पत्र, नियमावली, कार्यकारिणी सूची, भूमि-भवन-उपस्कर का ब्यौरा, भवन-भूमि से आय और पिछले 15 वर्षों की ऑडिट रिपोर्ट मांगी गई है।

दूसरा RTI सेवा समाज नाट्य परिषद से संबंधित है जिसमें 1931 से 24.08.2026 तक मिले अनुदान-चंदा-दान का वर्षवार हिसाब, पुराने भवन की ईंट-लकड़ी-लोहा बिक्री का मदवार ब्यौरा, पिछले 10 साल की ऑडिट रिपोर्ट, कार्यकारिणी सूची, अचल संपत्ति का विवरण और 10 वर्षों में हुए कार्यक्रमों पर खर्च का विवरण मांगा गया है।*आगे क्या?*

चारों RTI दायर करने के 30 दिन बाद 25.09.2026 तक कोई जवाब नहीं आने पर 06.10.2026 को दो प्रथम अपील दायर की गई हैं – एक जिलाधिकारी, मधुबनी और दूसरी अधीक्षण अभियंता, दरभंगा के समक्ष।

RTI कानून के अनुसार अब अगला कदम बिहार राज्य सूचना आयोग, पटना में द्वितीय अपील है। यह मामला अब सिर्फ सड़क-नाले का नहीं रहा, बल्कि यह सवाल बन गया है कि क्या वाकई

8,96,306 रुपये की योजना जमीन पर है, और अगर लाइब्रेरी-नाट्य परिषद की जमीन पर नाला बना है तो उसकी अनुमति किसने दी। इन सवालों का जवाब अब फाइलों को ही देना हैं l

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