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कलेक्टर ने जिले में पराली जलाने पर लगाया पूर्ण प्रतिबंध।

दतिया। कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट स्वप्निल वानखड़े ने जिले में पराली एवं नरवाई जलाने की घटनाओं पर रोक लगाने हेतु कड़ा कदम उठाया है। उन्होंने पराली जलाने से होने वाले वायु प्रदूषण, आगजनी की घटनाओं से आमजन के स्वास्थ्य एवं जानमाल की सुरक्षा सुनिश्चित करने तथा भूमि की उर्वरक शक्ति बनाए रखने के उद्देश्य से…

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दतिया। कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट स्वप्निल वानखड़े ने जिले में पराली एवं नरवाई जलाने की घटनाओं पर रोक लगाने हेतु कड़ा कदम उठाया है। उन्होंने पराली जलाने से होने वाले वायु प्रदूषण, आगजनी की घटनाओं से आमजन के स्वास्थ्य एवं जानमाल की सुरक्षा सुनिश्चित करने तथा भूमि की उर्वरक शक्ति बनाए रखने के उद्देश्य से जिले में पराली, नरवाई एवं फसल अवशेषों के खुले में जलाने पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया है।

कलेक्टर स्वप्निल वानखड़े ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 163 के अंतर्गत प्रदत्त शक्तियों का उपयोग करते हुए आदेश जारी किया है।

उन्होंने कहा कि जो भी व्यक्ति या संस्था इस आदेश का उल्लंघन करेगी, उसके विरुद्ध पर्यावरण मुआवजा अधिरोपित किया जाएगा। साथ ही भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 223 एवं वायु (प्रदूषण निवारण एवं नियंत्रण) अधिनियम, 1981 के तहत कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी।

उन्होंने बताया कि पराली जलाने पर भूमि क्षेत्र के अनुसार दंड निर्धारित किया गया है दो एकड़ से कम भूमि वाले किसानों पर ₹2500, दो से पांच एकड़ तक ₹5000 और पांच एकड़ से अधिक भूमि वाले किसानों पर ₹15000 तक का आर्थिक दंड लगाया जाएगा। कलेक्टर ने कहा कि खेतों में लगे ट्रांसफार्मरों के आसपास पराली जलाने से आगजनी की घटनाएं बढ़ जाती है।

उन्होंने अधीक्षण यंत्री, मध्य प्रदेश मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी दतिया को निर्देश दिए कि ट्रांसफार्मरों के आसपास 10×10 फीट क्षेत्र खाली कराया जाए तथा वहां पराली जलाने पर सख्त रोक लगाई जाए ताकि शॉर्ट सर्किट एवं आगजनी की घटनाओं को रोका जा सके।

उन्होंने हार्वेस्टर मशीन संचालकों को निर्देशित किया कि प्रत्येक मशीन में स्ट्रो मैनेजमेंट सिस्टम अनिवार्य रूप से लगाया जाए, जिससे फसल कटाई के दौरान अवशेषों का स्थल पर ही निपटान संभव हो सके। साथ ही प्रत्येक हार्वेस्टर में अग्निशमन यंत्र, पानी या रेत की व्यवस्था रखना आवश्यक होगा।

कलेक्टर ने यह भी कहा कि यदि कोई किसान बिना स्ट्रो मैनेजमेंट सिस्टम के हार्वेस्टर से फसल कटाई करने पर दबाव डालता है, तो उसकी शिकायत तुरंत जिला प्रशासन को की जाए।

सभी हार्वेस्टर मशीन संचालकों को अपने वाहन एवं चालक की जानकारी सहित पंजीयन कृषि विभाग में कराना अनिवार्य किया गया है। कलेक्टर स्वप्निल वानखड़े ने स्पष्ट किया कि आदेश का उल्लंघन करने वाले व्यक्तियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। यह आदेश पूरे जिले में तत्काल प्रभाव से लागू रहेगा।

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