शाहपुरा-राजेन्द्र खटीक।निंबाहेड़ा/ सोनी (माहेश्वरी) परिवार निंबाहेड़ा द्वारा संत श्री दिग्विजय रामजी महाराज के 33 वें जन्मोत्सव के पावन अवसर पर आयोजित “एक शाम गुरुदेव के नाम” भव्य धार्मिक समारोह अत्यंत श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक उल्लास के साथ सम्पन्न हुआ। नगर का समूचा वातावरण दिव्यता, गुरु-कृपा और सनातन धर्म की पवित्र ऊर्जा से आलोकित हो उठा।दिव्य शोभायात्रा के साथ संत श्री का नगर प्रवेशसंत श्री दिग्विजय रामजी महाराज के निंबाहेड़ा आगमन पर साकरिया ब्रिज पर श्रद्धालुओं का उत्साह देखते ही बनता था। भक्तों ने ढोल, शंखध्वनि और पुष्पवर्षा के साथ पावन स्वागत करते हुए भव्य शोभायात्रा के रूप में नगर प्रवेश करवाया।
जयकारों से गूंजता वातावरण पूर्णतः आध्यात्मिक रंग में रंग गया।महाराणा प्रताप प्रतिमा पर दूध अभिषेकउपखंड कार्यालय के समीप स्थित वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप की प्रतिमा पर संत श्री ने दूध अभिषेक कर उन्हें नमन किया तथा उनके पराक्रम एवं राष्ट्रभक्ति को स्मरण करते हुए श्रद्धांजलि अर्पित की।ठाकुर जी एवं कल्लाजी मंदिर में पूजा-अर्चनाशोभायात्रा कल्याण चौक पहुंची, जहां संत श्री ने चतुर्भुज स्वरूप में विराजमान ठाकुर जी की पूजा-अर्चना की।इसके बाद शोभायात्रा कल्लाजी मंदिर पहुंची, जहां संत श्री ने शेषावतार कल्लाजी के दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त किया।संत-समूह की पावन उपस्थिति ।
इस पावन अवसर पर अनेक संत महात्माओं की दिव्य उपस्थिति ने कार्यक्रम की गरिमा को और अधिक बढ़ाया।मंच पर संत श्री दिग्विजय रामजी महाराज के साथमहंत सागर दास (हमीरगढ़), महंत अर्जुनदास (मूंगाना), महंत रामपाल दास (मूंगाना), महंत रामजुलन दास (दादू पीठ संप्रदाय), महंत रामदास (हमीरगढ़) तथा महंत माणक दास (निंबाहेड़ा)विराजमान रहे।संतजनों की इस पावन सभा ने कार्यक्रम के आध्यात्मिक महत्व को और अधिक गाम्भीर्य प्रदान किया।खाटूश्याम भजन संध्या—भक्ति का अद्भुत प्रवाहमुख्य कार्यक्रम खाटूश्याम भजन संध्या का आयोजन 3 दिसंबर, बुधवार को सेलिब्रेशन ग्रीन में अत्यंत भव्यता से किया गया।क्षेत्रभर से आए हजारों भक्तगणों ने मनभावन भजनों के माध्यम से गुरु-भक्ति व श्याम-रस का अद्भुत अनुभव किया।भजन गायिका तृप्ति लड़ा एवं अनुराग ठाकुर ने भक्ति-रस से परिपूर्ण प्रस्तुति देकर संध्या को अलौकिक बना दिया।उनके मधुर स्वर और भजनों ने पांडाल में उपस्थित प्रत्येक भक्त को भावविभोर कर दिया।गंगा आरती एवं 40 किलो मिश्री-मावा प्रसाद का भोगसायंकाल जब शोभायात्रा सेलिब्रेशन ग्रीन पहुंची, संत श्री दिग्विजय रामजी महाराज ने दिव्य गंगा आरती संपन्न कराई।इसके पश्चात 40 किलो मिश्री-मावा प्रसाद का भोग श्याम दरबार में अर्पित किया गया, जिससे समूचा परिसर भक्तिमय भाव से भर उठा।संत श्री दिग्विजय रामजी महाराज के मंगल आशीर्वचनसंत श्री ने अपने प्रेरक उपदेशों में सनातन संस्कृति, मानव कल्याण, सेवा, सदाचार, गुरु-भक्ति व जीवन में सकारात्मकता जैसे विषयों पर मार्गदर्शन प्रदान किया।उनके आशीर्वचनों ने भक्तों के मनोभावों को स्पर्श कर जीवन को धर्ममय, शांतिमय एवं सफल बनाने की प्रेरणा दी।
























