राजनीतिक उठापटक के बाद रमेश सेन के सिर सजा अध्यक्ष पद का ताजछात्र राजनीति से नगर पालिका अध्यक्ष तक
शाहपुरा (भीलवाड़ा)-राजेन्द्र खटीक।
शाहपुरा-नगर पालिका अध्यक्ष पद के चुनाव में सोमवार को शाहपुरा की राजनीति में चल रही उठापटक का अंत कांग्रेस के अधिकृत प्रत्याशी रमेश कुमार सेन की जीत के साथ हुआ। सेन ने निर्दलीय प्रत्याशी बालमुकुंद तोषनीवाल को एक मत से पराजित कर अध्यक्ष पद हासिल किया।
सेन को 18 मत मिले, जबकि तोषनीवाल के पक्ष में 17 मत पड़े।सुबह से ही नगर पालिका परिसर में अध्यक्ष पद के चुनाव को लेकर राजनीतिक हलचल तेज रही। सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर पुलिस ने नगर पालिका परिसर के आसपास कड़े इंतजाम किए।
मतदान केंद्र के आसपास आमजन की आवाजाही को नियंत्रित किया गया। जैसे-जैसे मतदान की प्रक्रिया आगे बढ़ी, दोनों प्रत्याशियों के समर्थकों में परिणाम को लेकर उत्सुकता बढ़ती गई।शाहपुरा नगर पालिका में कुल 35 पार्षद हैं। चुनावी प्रक्रिया में सभी 35 पार्षदों ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया।
इनमें कांग्रेस के 22, भाजपा के 8 तथा 5 निर्दलीय पार्षद शामिल रहे। नगर पालिका में कांग्रेस के पास 22 पार्षद होने के बावजूद अध्यक्ष पद का मुकाबला बेहद करीबी रहा और अंतिम परिणाम एक मत के अंतर से सामने आया।मतदान के बाद रिटर्निंग
अधिकारी बनवारी लाल सिनसिनवार ने मतगणना कर परिणाम घोषित किया। परिणाम सामने आते ही रमेश सेन के समर्थकों में खुशी की लहर दौड़ गई। निर्वाचन प्रक्रिया पूरी होने के बाद सेन को अध्यक्ष पद की शपथ दिलाई गई।छात्र राजनीति से नगर पालिका तक का सफररमेश सेन ने अपनी राजनीतिक यात्रा
छात्र राजनीति से शुरू की। वर्ष 1997 में उन्होंने छात्रसंघ चुनाव लड़ा और प्रताप सिंह बारहठ महाविद्यालय के अध्यक्ष निर्वाचित हुए। इसके बाद वे वर्ष 2000 से 2020 तक लगातार कांग्रेस के टिकट पर नगर पालिका पार्षद रहे।वर्तमान में सेन नगर कांग्रेस अध्यक्ष की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं।
नगर निकाय चुनाव में कांग्रेस के टिकट वितरण की प्रक्रिया में भी उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही। इस बार वे स्वयं वार्ड 15 से कांग्रेस प्रत्याशी के रूप में पार्षद निर्वाचित हुए थे।अध्यक्ष पद के चुनाव से पहले मुकाबला कांग्रेस के रमेश सेन और निर्दलीय
बालमुकुंद तोषनीवाल के बीच सिमट गया था। दोनों ही पूर्व में कांग्रेस से जुड़े रहे हैं। नामांकन प्रक्रिया में तोषनीवाल ने कांग्रेस तथा निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में नामांकन दाखिल किया था, लेकिन संवीक्षा के बाद उनका कांग्रेस प्रत्याशी के रूप में नामांकन निरस्त हो गया और वे निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में चुनाव मैदान में रहे।एक मत ने बदला पूरा राजनीतिक
गणितअध्यक्ष पद के चुनाव में कांग्रेस के पास 22 पार्षदों के रूप में स्पष्ट बहुमत था, लेकिन अंतिम परिणाम में सेन को 18 मत ही प्राप्त हुए। दूसरी ओर निर्दलीय प्रत्याशी बालमुकुंद तोषनीवाल को 17 मत मिले। इससे स्पष्ट हुआ कि मतदान में पार्टीवार संख्या के बजाय व्यक्तिगत समर्थन और मतदान के
समीकरण निर्णायक रहे।सेन बोले—यह नगरवासियों की जीतजीत के बाद रमेश सेन ने इसे नगरवासियों की जीत बताया। उन्होंने कहा कि शाहपुरावासियों ने कांग्रेस पर जो विश्वास जताया है, उस विश्वास पर खरा उतरने का प्रयास करेंगे।
उन्होंने शाहपुरा के विकास के लिए हरसंभव प्रयास करने की बात कही।अध्यक्ष पद के चुनाव के साथ ही शाहपुरा नगर पालिका में नई राजनीतिक पारी की शुरुआत हो गई है। अब शहरवासियों की नजर नगर पालिका के आगामी कामकाज और विकास कार्यों पर रहेगी।