विधिवत वैदिक मंत्र उच्चारण के साथ बच्चों का हुआ विद्यारम्भ संस्कार।
दतिया। बसंत पंचमी के अवसर पर सरस्वती विद्या मंदिर उच्चतर माध्यमिक विद्यालय भरतगढ़ में मॉ सरस्वती की विशेष पूजा अर्चना की गई। सरस्वती पूजन एवं पांच कुंडीय गायत्री महायज्ञ के साथ ही पुंसवन व विद्यारंभ संस्कार भी किया गया।
कार्यक्रम की शुरुआत बड़े धूमधाम से सरस्वती स्कूल भरतगढ़ से किला चौक तक वेद यात्रा निकाली गई इसके पश्चात विधिवत मंत्रोपचार व युग संगीत के साथ विद्यालय के आचार्य श्री राम गोपाल शर्मा एवं श्रीमती गौरा दुबे दीदी द्वारा गायत्री महायज्ञ एवं सरस्वती पूजन किया गया।
विद्यादायिनी मां सरस्वती की पूजा-अर्चना के साथ ही बच्चों का विद्यारंभ संस्कार कराया गया। इस अवसर पर पं. श्री श्याम जी तिवारी (संस्कृत शोधकर्ता, श्री पीतांबरा पीठ संस्कृत महाविद्यालय), पं.श्री शुभम जी व्यास (मध्य प्रदेश गवर्नर द्वारा गोल्ड मेडलिस्ट अनुष्ठान आचार्य)बतौर अतिथि शामिल रहे।
इस अवसर पर श्री पं. श्री शुभम जी व्यास ने बसंत पंचमी के बारे में विस्तृत जानकारी देते हुए उपस्थित सभी को शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा कि ज्ञान कभी खत्म नहीं होता है।
ज्ञान बांटने से बढ़ता है। सभी अपने जन्मदिन पर जमकर खुशियां मनाते है। उसी तरह आज हमारी अधिष्ठात्री विद्यादायिनी मॉ सरस्वती का जन्मदिन है। इससे हम सभी उसी उत्साह व हर्ष उमंग के साथ मॉ सरस्वती का पूजन करें।आज का शुभ दिन वैदिक सोलह संस्कारों में एक सबसे महत्वपूर्ण संस्कार विद्यारंभ संस्कार के लिए पावन दिन है।
इस अवसर पर विद्यालय में नगर के 280 नन्हें भैया बहिनों ने विद्यारंभ संस्कार में हिस्सा लिया। ३ से ५ वर्ष तक के बच्चों व उनकी माताश्री ने उपस्थित होकर मंत्रोच्चार के साथ अपने बच्चों को पार्टी पूजन कराकर ऊॅ श्री गणेशाय नम: मंत्रों का लेखन कराया।
बसंत पंचमी पर हवन पूजन, आरती और महाप्रसाद वितरण किया गया। इस अवसर पर कार्यक्रम संयोजक श्रीमती सरिता खरे एवं स्कूली विद्यार्थियों सहित अभिभावक व विद्यालय के समस्त आचार्य/ दीदीयां उपस्थित रहे।

























