ब्रांड एंबेसडर श्रेया कुमावत ने जगाई पर्यावरण संरक्षण की अलखनन्हे हाथों ने लिया हरियाली का संकल्प, ब्रांड एंबेसडर ने दिया

IMG-20260825-WA0003

पर्यावरण संरक्षण का संदेश‘नन्हे हाथों में पर्यावरण’ अभियान के तहत विद्यालय में जागरूकता कार्यक्रम, पौधे व पाठ्य सामग्री भी वितरित

शाहपुरा (भीलवाड़ा)-राजेन्द्र खटीक।

शाहपुरा। संस्था बी.आर फाउंडेशन मध्य प्रदेश के ‘नन्हे हाथों में पर्यावरण’ अभियान’ के तहत सोमवार को राजकीय बालिका उच्च प्राथमिक विद्यालय, कलिंजरी गेट, शाहपुरा में पर्यावरण उत्सव जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया।

कार्यक्रम का नेतृत्व संस्था की पर्यावरण ब्रांड एंबेसडर एवं बाल पर्यावरण योद्धा श्रेया कुमावत ने किया।कार्यक्रम में विद्यालय की संस्था प्रधान सरिता जैन ने ब्रांड एंबेसडर का स्वागत किया तथा संस्था द्वारा पर्यावरण एवं समाजसेवा के क्षेत्र में किए जा रहे

कार्यों की सराहना की। संस्था की ओर से विद्यालय के स्टाफ एवं छात्राओं को पाठ्य सामग्री और फल एवं पोधे वितरित किए गए।कार्यक्रम के दौरान छात्राओं के साथ वृक्षारोपण कर पौधों की देखभाल का संदेश दिया गया। ब्रांड एंबेसडर ने छात्राओं को पेड़-पौधों के महत्व के साथ जल संरक्षण, सीड बॉल, पक्षी संरक्षण, जैविक बागवानी एवं प्लास्टिक के दुष्प्रभाव,

प्लास्टिक का कम उपयोग, रीसाइक्लिंग एवं उसके उचित सदुपयोग के बारे में सरल भाषा में जानकारी दी। बच्चों को समझाया गया कि उपयोग किए गए प्लास्टिक को इधर-उधर फेंकने के बजाय अलग एकत्र कर रीसाइक्लिंग के लिए भेजना चाहिए।उत्सव को सेवा और पर्यावरण संरक्षण से जोड़ने की पहलकार्यक्रम में संस्था के ‘पर्यावरण उत्सव

अभियान’ की जानकारी देते हुए बताया गया कि संस्था के सदस्य एवं पदाधिकारी अपने जन्मदिन, वैवाहिक वर्षगांठ एवं अन्य त्योहार एवं खुशी के अवसरों पर फिजूलखर्ची से बचते हुए उन अवसरों को समाजसेवा एवं पर्यावरण संरक्षण से जोड़ते हैं। इसके तहत वृक्षारोपण, जरूरतमंद बच्चों को पाठ्य सामग्री वितरण, जरूरतमंदों को भोजन, बेजुबान पशु-

पक्षियों के लिए दाना-पानी तथा जरूरतमंदों के लिए रक्तदान जैसे कार्य किए जाते हैं।बचपन से पर्यावरण संरक्षण से जोड़ने का प्रयास‘नन्हे हाथों में पर्यावरण’ अभियान का उद्देश्य बच्चों को छोटी उम्र से ही प्रकृति संरक्षण से जोड़ना और उनमें प्रकृति प्रेम, स्वच्छता, जल संरक्षण एवं पर्यावरण सुरक्षा की आदत विकसित करना है। अभियान के अंतर्गत बच्चों के साथ वृक्षारोपण, सीड बॉल बनाना, पौधों की

देखभाल, प्लास्टिक रीसाइक्लिंग एवं सदुपयोग, जल संरक्षण तथा पशु-पक्षियों के लिए दाना-पानी जैसी गतिविधियां आयोजित की जाती हैं। संस्था के निदेशक श्री कृष्ण परिहार ने कहा कि बच्चों को पर्यावरण संरक्षण की गतिविधियों से जोड़ना आने वाली पीढ़ी को जिम्मेदार बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। उन्होंने विद्यालय परिवार एवं छात्राओं की सहभागिता की सराहना की।कार्यक्रम के अंत में

छात्राओं ने पेड़ लगाने एवं उनकी देखभाल करने, पानी बचाने, प्लास्टिक का कम से कम उपयोग करने तथा अपने आसपास स्वच्छ और हरित वातावरण बनाए रखने का संकल्प लिया।बी.आर. संस्था की इस पहल ने पर्यावरण जागरूकता को केवल भाषण तक सीमित न रखते हुए बच्चों को वृक्षारोपण, पौधों की देखभाल और प्रकृति संरक्षण जैसी गतिविधियों से जोड़कर एक सकारात्मक एवं प्रेरणादायी संदेश दिया।

About The Author