लेख

एक सौ के नेपाली नोट पर भारतीय क्षेत्र क्यों

अंधेर नगरी / प्रदीप कुमार नायक स्वतंत्र लेखक एवं पत्रकार ! भारत के सबसे करीबी...

“मृत्यु-भोज बन्द हो” कुरीतियों, पाखंड, अंधविश्वास के इस कुचक्र को तोड़न में असर्मथ क्यों?

प्रदीप कुमार नायक स्वतंत्र लेखक एवं पत्रकार जब किसी व्यक्ति की मृत्यु हो जाती है...

शिकायतों को छोड़ें और उम्मीदों को गले लगाएँ, आओ जीवन का सफर करते हैं!

लेखक – बंटी गर्ग, पत्रकार जीवन एक निरंतर चलने वाली यात्रा है। यह न तो...

पचोर। सुबह से शाम हो गई नहीं हुई भावांतर की नीलामी, सर्वे डाउन

सुबह से शाम हो गई नीलामी नहीं हो रही, मंडी सेक्रेटरी श्री भिलाला का कहना...

सूर्योपासना का महान पर्व छठ पूजा, बिहार मे बड़े धुम धाम से मनाया जाता

प्रदीप कुमार नायक छठ पर्व, छइठ या षष्‍ठी पूजा कार्तिक शुक्ल पक्ष के षष्ठी को...

क्यों मनाते हैं भाई दूज, क्या है त्यौहारों का महत्व ?

अंधेर नगरी, वेब पोर्टल पचोर/भाई-बहन के प्रेम का प्रतीक भैया दूज दिवाली का पांचवां त्योहार...

पत्रकारिता पर बुरी नजर: क्या सत्ता को रास नहीं आ रहे सच्चे पत्रकार?

लेखक संजय सोलंकी मध्यप्रदेश। भारतीय लोकतंत्र की नींव में पत्रकारिता एक मजबूत स्तंभ है, जो...

धोखेबाज नेताओं को कब मिलेगा सजा ?

प्रदीप कुमार नायक स्वतंत्र लेखक एवं पत्रकार यदि मतदाता सक्रिय हो तो चुनाव में वह...

आखिर मृत्यु क्यों आवश्यक है मनुष्य एक-दूसरे पर हावी हो जाते। कैसे? इस कहानी से जानिए ।

प्रदीप कुमार नायक स्वतंत्र लेखक एवं पत्रकार हर कोई मृत्यु से डरता है, लेकिन जन्म...

RSS नागपुर में एक छोटे समूह से बढ़कर अब पूरे भारत और वैश्विक स्तर पर सक्रिय- जाने हिस्ट्री

आर एस एस की हिन्दुत्त्व के सौ साल प्रदीप कुमार नायक स्वतंत्र लेखक एवं पत्रकार...