दतिया। शहर में पेट्रोल-डीजल की बढ़ती अवैध बिक्री को लेकर सोमवार को पेट्रोल पम्प संचालकों का प्रतिनिधि मंडल कलेक्टर स्वप्निल वानखड़े से मिला। प्रतिनिधि मंडल ने कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर अवैध रूप से चल रहे, पेट्रोल-डीजल के कारोबार पर तत्काल रोक लगाने की मांग की, पेट्रोल पम्प संचालकों ने बताया
कि शहर के अलग-अलग क्षेत्रों में कई महीनों से खुलेआम ठेलों, गुमटियों और अस्थायी दुकानों पर पेट्रोल-डीजल बेचा जा रहा है। उत्तर प्रदेश बॉर्डर से अवैध रूप से तेल लाकर दतिया में उसे छोटे-छोटे कंटेनरों में खपा दिया जाता है, जिससे न केवल सरकारी राजस्व की हानि हो रही है
बल्कि सुरक्षा मानकों का भी गंभीर उल्लंघन हो रहा है। प्रतिनिधि मंडल ने कहा कि इससे अधिकृत पेट्रोल पम्प संचालकों का व्यापार प्रभावित हो रहा है और दुर्घटना का खतरा भी बढ़ गया है।कलेक्टर स्वप्निल वानखड़े ने शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए प्रतिनिधि मंडल को आश्वस्त किया कि प्रशासन अवैध
बिक्री पर सख्त कार्रवाई करेगा। उन्होंने कहा कि यदि किसी भी स्थान पर पेट्रोल-डीजल की अवैध बिक्री होती दिखाई दे, तो उसका वीडियो या फोटो व्हाट्सऐप पर भेजें, प्रशासन तत्काल कार्रवाई करेगा। कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि ऐसे स्थानों की पहचान कर नियमित रूप से जांच अभियान चलाएं और दोषियों पर कठोर कानूनी
कार्रवाई सुनिश्चित करें, कलेक्टर ने यह भी कहा कि ज्वलनशील पदार्थों की अवैध बिक्री गंभीर अपराध है और इसके कारण कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। इसलिए प्रशासन इसे लेकर जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाएगा।प्रतिनिधि मंडल ने कलेक्टर के निर्देशों का स्वागत करते हुए विश्वास व्यक्त किया कि शीघ्र ही शहर में चल रही अवैध तेल बिक्री पर रोक लगेगी
और अधिकृत पेट्रोल पम्प संचालकों को राहत मिलेगी। दतिया शहर में कई महीनों से छोटे दुकानदार, ठेला संचालक और गुमटीवालों द्वारा अवैध रूप से पेट्रोल-डीजल बेचे जाने की शिकायतें मिल रही थीं। अब कलेक्टर के निर्देश के बाद प्रशासन सक्रिय मोड में आ गया है और जल्द ही कार्रवाई देखने की उम्मीद है।

























