मध्यप्रदेश राजनीति समाज

डॉ. अंबेडकर का जीवन हमें समानता, शिक्षा और अधिकारों के प्रति जागरूक रहने की प्रेरणा देता है – विधायक गहलोत

जिला स्तर पर धूमधाम से मनाई गई डॉ. भीमराव अम्बेडकर की 135वीं जयंती

अंधेर नगरी आगर-मालवा, 14 अप्रैल / भारत रत्न डॉ. भीमराव अम्बेडकर की 135वीं जयंती के उपलक्ष्य में जनजातीय कार्य विभाग द्वारा जिला मुख्यालय स्थित नवीन मांगलिक भवन, कंपनी गार्डन आगर-मालवा में भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में विधायक श्री मधु गेहलोत उपस्थित रहे। कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों द्वारा बाबा साहब अंबेडकर के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलन कर किया गया। अतिथियों का स्वागत डिप्टी कलेक्टर श्री कमल मंडलोई द्वारा किया गया, वहीं कार्यक्रम की रूपरेखा जिला संयोजक, जनजातीय कार्य विभाग श्री शेखर उईके ने प्रस्तुत की।

इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष प्रतिनिधि श्री भेरूसिंह चौहान, श्री गिरधारीलाल मालवीय, जिला पंचायत सदस्य श्री मोहन मकवाना एवं श्री पर्वतलाल गुहाटिया, श्री महेरबान सिंह सहित अनेक जनप्रतिनिधि एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

कार्यक्रम के अंतर्गत अनुसूचित जाति वर्ग के प्रतिभावान छात्र-छात्राओं कनक चौहान, दिलकुश मालवीय, सुमित भिलाला, रविंद्र चंद्रवंशी एवं अंतरजातीय विवाह करने वाले जोड़ों को अतिथियों द्वारा स्मृति चिन्ह प्रदान कर सम्मानित किया गया।

बालिका पोस्ट मैट्रिक छात्रावास की छात्राओं ने डॉ. अम्बेडकर के सामाजिक समरसता के विचारों पर आधारित नृत्य-नाटक की आकर्षक प्रस्तुति दी, जिसे उपस्थित जनों ने सराहा। पोस्ट मैट्रिक छात्रावास के छात्र ईश्वर सूर्यवंशी को भी स्मृति चिन्ह प्रदान किया गया।

मुख्य अतिथि विधायक श्री गेहलोत) ने अपने उद्बोधन में कहा कि डॉ. भीमराव अम्बेडकर का जीवन हमें समानता, शिक्षा और अधिकारों के प्रति जागरूक रहने की प्रेरणा देता है। उन्होंने कहा कि बाबा साहब ने संविधान के माध्यम से समाज के हर वर्ग को समान अवसर प्रदान किए और हमें उनके बताए मार्ग पर चलकर सामाजिक समरसता एवं भाईचारे को मजबूत करना चाहिए।

उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे शिक्षा को अपना सबसे बड़ा हथियार बनाएं और देश के विकास में सक्रिय भूमिका निभाएं।

इस अवसर पर श्री गिरधारीलाल मालवीय ने भी अपने विचार व्यक्त करते हुए बाबा साहब के योगदान को स्मरण किया। कार्यक्रम का सफल संचालन श्री शरद बंशिया द्वारा किया गया तथा अंत में श्री राकेश शर्मा ने आभार व्यक्त किया।

About The Author