। जिला ब्यूरो संवाददाता पवन परमार / देवास। मध्यप्रदेश में शराब ठेका विवाद ने बड़ा राजनीतिक और प्रशासनिक भूचाल ला दिया है। ठेकेदार दिनेश मकवाना की संदिग्ध मौत के 28 दिन बाद सामने आए एक वीडियो ने पूरे आबकारी विभाग में हड़कंप मचा दिया है। वीडियो में लगाए गए गंभीर आरोपों के बीच देवास के आबकारी अधिकारी को निलंबित भी कर दिया गया है, जिससे मामला और तूल पकड़ चुका है। अब पूरा प्रकरण पुलिस जांच के केंद्र में आ गया है।
मध्य प्रदेश के शराब ठेका संचालित करने वाले दिनेश मकवाना के सुसाइड के एक महीने बाद उसका वीडियो सामने आया है वीडियो में दिनेश मकवाना ने सहायक आबकारी आयुक्त मंदाकिनी दीक्षित पर कई आरोप लगाए हैं ठेकेदार दिनेश मकवाना ने 8 नवंबर को जहरीला पदार्थ खाकर आत्महत्या कर ली थी वहीं शुक्रवार दोपहर आत्महत्या के मामले में एक नया मोड़ आ गया हैमौत के 28 दिन बाद सामने आया वीडियो मौत के 28 दिन बाद अचानक वीडियो वायरल हुआ जिसमें खुद दिनेश मकवाना ने सहायक आबकारी आयुक्त असिस्टेंट कमिश्नर मंदाकिनी दीक्षित पर कमीशन मांगने का गंभीर आरोप लगाया है। वीडियो में दिनेश ने कहा की पांच दुकानों के डेढ़ लाख के हिसाब से साढ़े सात लाख रुपए महीने की मांग की जा रही थी। दिनेश मकवाना का वीडियो वायरल होने के बाद आबकारी विभाग में भी हड़कंप मच गया है। वायरल वीडियो में दिनेश कह रहा है कि मेरी पांच शराब दुकान हैं। 14 करोड रुपए का ठेका है मुझे प्रति एक दुकान के डेढ़ लाख रुपये सहायक जिला आबकारी आयुक्त मंदाकिनी दीक्षित मांग रही है। मैं करीब 20 से 22 लाख रुपए मंदाकिनी दीक्षित को दे चुका हूं।
उसने यह भी आरोप लगा है कि अगर पैसा नहीं देता था तो यह वेयरहाउस से मेरा माल रुकवा देती थी अब मैं मैडम मंदाकिनी दीक्षित से त्रस्त होकर आत्महत्या कर रहा हूं।वायरल वीडियो बना निलंबन का आधार यह मामला तब प्रकरण में आया जब इंदौर कनाडिया के निवासी और देवास में शराब ठेके संचालित करने वाले दिनेश मकवाना ने 8 नवंबर को कथित तौर पर जहरीला पदार्थ पीकर आत्महत्या कर ली। आत्महत्या से ठीक पहले मकवाना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। इस वीडियो में उन्होंने सीधा तौर पर आबकारी विभाग अधिकारी मंदाकिनी दीक्षित पर अवैध रूप से राशि की मांग करने के गंभीर आरोप लगाए जिसके कारण वे यह कदम उठा रहे थे।निलंबन आदेश में आरोपो की गंभीरता राज्य शासन द्वारा जारी निलंबन पत्र में स्पष्ट किया गया है कि मंदाकिनी दीक्षित पर लगे आरोप प्रथम दृश्यता अत्यंत गंभीर प्रकृति के हैं और यह एक शासकीय सेवक के कर्तव्यों और दायित्वों के विपरीत है यह कार्रवाई मध्य प्रदेश सिविल सेवा (आचरण) नियम 1965 के नियम तीन के स्पष्ट उल्लंघन के कारण की गई है उन्हें मध्य प्रदेश सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम 1966 के नियम 9 के तहत निलंबित किया गया है।
निलंबन अवधि के दौरान उनका मुख्यालय कार्यालय आबकारी आयुक्त ग्वालियर रहेगा। इस दौरान उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ते की पात्रता होगी प्रशासनिक गलियारों में इस निलंबन को मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव द्वारा भ्रष्टाचार पर जीरो की नीति के तहत एक मजबूत संदेश के रूप में देखा जा रहा है।क्या कहना है मंदाकिनी दीक्षित का..वहीं, इस पूरे मामले में मंदाकिनी दीक्षित ने कहा कि दिनेश मकमाना शराब का ठेकेदार था। उसकी देवास जिले में करनावद और डबलचौकी क्षेत्र में पांच दुकानें हैं। देवास में उसका 14 करोड़ का ठेका था। पैसे की कोई समस्या नहीं थी। कैसे मौत हुई मुझे नहीं पता। वीडियो पुराना है। उसकी मां संतोष मकवाना ब्लैकमेल कर 2 करोड़ मांग कर रही थी। नहीं देने पर वीडियो वायरल करने की धमकी दे रही थी। मैंने मना कर दिया। मैं पैसे क्यों दूं। मैंने अगर पैसों की मांग की थी तो अभी तक शिकायत क्यों नहीं की। मेरे वरिष्ठ अधिकारी भी तो हैं उनसे शिकायत करते। मैंने एसपी देवास को 24 नवंबर को शिकायत की है। मेरे पास रिकॉर्डिंग है, मैंने पूरे प्रमाण भी दिए हैं। समय आने पर पेश कर दूंगी। मैंने कोई पैसे नहीं मांगे। पुलिस जांच कर रही है।
























