शाहपुरा (भीलवाड़ा)-राजेन्द्र खटीक। शाहपुरा-शाहपुरा की धरती के लाड़ले सपूत अमर शहीद कुंवर प्रताप सिंह बारहठ विरले ही व्यक्तित्व थे जिन्होंने देश की आजादी में अपने काका के साथ मिलकर अंग्रेजी हुकूमत को हिला दिया। उन्होंने चांदनी चौक में लॉर्ड होर्डिंग्स पर बम फेंककर अपने साहस का परिचय दिया। यह बात शाहपुरा के युवाओं द्वारा प्रताप सिंह बारहठ की 133वीं जयंती पर आयोजित शहीद वंदन कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में बोलते हुए साहित्यकार डॉ परमेश्वर कुमावत ने कहीं।
कुमावत ने कहा कि क्रांतिकारियों ने अपना बलिदान देकर हमें जो आजादी दिलाई उसे अक्षुण्ण बनाए रखने के लिए देश प्रथम का भाव हर नागरिक में पैदा करना होगा। युवाओं को राष्ट्रीय विचारों से जुड़कर देश की शक्ति बनने का आह्वान करते हुए कहा है कि यही शहीदों को सच्ची श्रद्धांजलि होगी।
कार्यक्रम के संयोजक समाजसेवी सुरेश घूसर ने बताया कि विवेकानंद लाइब्रेरी के युवा साथियों के साथ मिलकर आज का यह शहीद वंदन कार्यक्रम किया गया। कार्यक्रम को शिक्षक देवी लाल बैरवा, पार्षद स्वराज सिंह शेखावत, कैलाश धाकड़, सुरेश घूसर, शिक्षक राकेश वर्मा ने भी संबोधित किया।
कार्यक्रम में बसंत कुमार वैष्णव, हर्षित सिंह जाड़ावत, विक्रम सैनी, विकास सेन, गजानंद सुवालका, कमलेश कुमावत, जीवराज गुर्जर, पंकज खारोल, मोहन, दिनेश, लोकेश, धर्मराज, कमलेश, हंसराज, रामेश्वर, महावीर धाकड़ ने उपस्थित होकर शहीदों को वंदन किया।















