,

21 वीं सदी के कौशल-स्वजागरुता का आयोजन

शाहपुरा (भीलवाड़ा)-राजेन्द्र खटीक। शाहपुरा-पीएम श्री वीर माता माणिक कंवर राजकीय बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय परिसरराष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP-2020) एवं 21वीं सदी के कौशल विकास कार्यक्रम के अंतर्गत विद्यालय में कक्षा 6 से 8 व‌ 9 से 12 की छात्राओं के लिए “जीवन जीने हेतु कौशल (Skill for Life)” विषय पर “मेरा परिचय” एवं मेरा व्यक्तित्व…

3 minutes

Read Time

शाहपुरा (भीलवाड़ा)-राजेन्द्र खटीक।

शाहपुरा-पीएम श्री वीर माता माणिक कंवर राजकीय बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय परिसरराष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP-2020) एवं 21वीं सदी के कौशल विकास कार्यक्रम के अंतर्गत

विद्यालय में कक्षा 6 से 8 व‌ 9 से 12 की छात्राओं के लिए “जीवन जीने हेतु कौशल (Skill for Life)” विषय पर “मेरा परिचय” एवं मेरा व्यक्तित्व परिक्षण गतिविधि का सफल आयोजन किया गया। इस गतिविधि का मुख्य उद्देश्य छात्राओं में स्व-जागरूकता (Self-Awareness) विकसित करना तथा उन्हें अपनी क्षमताओं, रुचियों एवं विशेषताओं को पहचानने के लिए प्रेरित करना था।

कार्यक्रम का शुभारंभ विद्यालय की प्राचार्य रीता धोबी महोदया के प्रेरणादायक उद्बोधन से हुआ। उन्होंने छात्राओं को बताया कि प्रत्येक व्यक्ति में कोई न कोई विशेष प्रतिभा अवश्य होती है। यदि हम स्वयं को पहचान लें और अपनी खूबियों को विकसित करें तो जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में सफलता प्राप्त कर सकते हैं।

इसके पश्चात सभी छात्राओं को एक गतिविधि पत्र (वर्कशीट) प्रदान की गई, जिसमें उन्हें अपनी 2–3 प्रमुख व्यक्तिगत खूबियाँ लिखने के लिए कहा गया। छात्राओं ने अपनी शैक्षणिक, सामाजिक, रचनात्मक, खेलकूद

, नेतृत्व, अनुशासन, सहयोग, समयपालन, ईमानदारी तथा अन्य सकारात्मक गुणों का उल्लेख किया। अनेक छात्राओं ने चित्रकला, गायन, नृत्य, भाषण, लेखन, खेलकूद, विज्ञान एवं गणित में अपनी रुचि एवं उपलब्धियों का भी उल्लेख किया।

गतिविधि का संचालनइसके बाद सभी छात्राओं को दो-दो के समूह में विभाजित किया गया। प्रत्येक छात्रा ने अपनी साथी के साथ अपनी-अपनी खूबियाँ साझा कीं तथा एक-दूसरे के व्यक्तित्व को समझने का प्रयास किया। अगले चरण में छात्राओं ने पूरे सप्ताह अपनी साथी के व्यवहार का अवलोकन किया तथा उसमें दिखाई देने वाली

किसी एक विशेष सकारात्मक आदत या गुण को समूह के सामने प्रस्तुत किया।समूह चर्चा के दौरान छात्राओं ने अपने अनुभव साझा किए।

उन्होंने बताया कि दूसरों द्वारा अपनी अच्छी बातों की सराहना सुनकर उनमें आत्मविश्वास बढ़ा तथा स्वयं को और बेहतर बनाने की प्रेरणा मिली। इस गतिविधि से छात्राओं में सकारात्मक सोच, आत्मसम्मान, संवाद कौशल तथा सहयोग की भावना का विकास हुआ।

शिक्षकों ने भी छात्राओं की सामान्य प्रशंसा करने के बजाय उनकी विशिष्ट खूबियों की पहचान कर उन्हें प्रोत्साहित किया। उदाहरणस्वरूप—”आप दूसरों की बात ध्यानपूर्वक सुनती हैं”, “आप समय की पाबंद हैं”, “आप विद्यालय

को स्वच्छ रखने में सहयोग करती हैं”, “आप सभी के साथ विनम्र व्यवहार करती हैं” जैसी सकारात्मक टिप्पणियों के माध्यम से छात्राओं का उत्साहवर्धन किया गया। छात्राओं की सहभागिताइस गतिविधि में कक्षा 6-12 7 की सभी छात्राओं ने अत्यंत उत्साह एवं सक्रियता के साथ भाग लिया।

छात्राओं ने पूरे आत्मविश्वास के साथ अपने विचार व्यक्त किए तथा अपने साथियों की विशेषताओं को भी सम्मानपूर्वक प्रस्तुत किया। इससे विद्यालय में सकारात्मक एवं सहयोगात्मक वातावरण का निर्माण हुआ। कक्षा 12 की पलक कोली ने बहुत ही सुंदर अपने व्यक्तित्व का कौशल का वर्णन किया।

कक्षा 8 की भूमिका कोली ने अपनी प्रस्तुति दी ,अपना परिचय दिया अपने गुण ,खूबियां रुचिया, आदि के बारे में जानकारी दी। बहुत सारी छात्राओं ने अपने अपने बारे में लिखकर के अपना परिचय दिया। इसमें कक्षा 6 से 12 की समस्त छात्राओं ने भाग लिया।गतिविधि के दौरान छात्राओं में निम्नलिखित गुणों का विकास स्पष्ट रूप से देखने को मिला•

आत्मविश्वास में वृद्धि।• स्वयं की क्षमताओं की पहचान।• सकारात्मक सोच का विकास।• प्रभावी संवाद एवं अभिव्यक्ति कौशल।• सहयोग एवं टीम भावना।• आत्मसम्मान एवं दूसरों के प्रति सम्मान की भावना।• सामाजिक एवं नैतिक मूल्यों का विकास।”मेरा परिचय” गतिविधि

छात्राओं के व्यक्तित्व विकास के लिए अत्यंत उपयोगी एवं प्रेरणादायक सिद्ध हुई। इस गतिविधि के माध्यम से छात्राओं ने स्वयं को बेहतर ढंग से समझा तथा दूसरों की विशेषताओं की सराहना करना सीखा।

इससे उनमें आत्मविश्वास, सकारात्मक दृष्टिकोण, सामाजिक व्यवहार एवं जीवन कौशल का प्रभावी विकास हुआ।कार्यक्रम के अंत में कार्यक्रम

प्रभारीतबस्सुम द्वारा सभी छात्राओं की सक्रिय सहभागिता की सराहना की गई तथा भविष्य में भी इस प्रकार की जीवनोपयोगी गतिविधियों का नियमित आयोजन करने का संकल्प लिया गया।

About The Author