भीलवाड़ा में वकीलों का फूटा गुस्साः साथी वकील पर जानलेवा

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हमले के बाद कचहरी के बाहर सड़क जाम, टायर फूंके; प्रदेशव्यापी आंदोलन की चेतावनी

शाहपुरा (भीलवाड़ा)-राजेन्द्र खटीक।

भीलवाड़ा।भीलवाड़ा में एक वकील पर हुए जानलेवा हमले के मामले में पुलिस की कार्यप्रणाली के खिलाफ वकीलों का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुँच गया है। मुख्य आरोपी की अब तक गिरफ्तारी नहीं होने से आक्रोशित वकीलों ने सोमवार को जोरदार उग्र प्रदर्शन किया। जिला अभिभाषक संस्था के आह्वान पर वकीलों ने अदालती कामकाज का पूरी तरह

बहिष्कार किया और सड़क पर उतरकर सरकार व पुलिस प्रशासन के खिलाफ हल्ला बोल दिया।मानव श्रृंखला बनाकर जाम की सड़कें, फूंके टायरसंस्था के अध्यक्ष उम्मेद सिंह राठौड़ के नेतृत्व में सैकड़ों की संख्या में वकील कोर्ट के बाहर मुख्य चौराहे पर

एकत्रित हुए। वकीलों ने कोर्ट के बाहर मानव श्रृंखला बनाकर कलेक्टर कार्यालय की ओर जाने वाली मुख्य सड़क और शाम की सब्जी मंडी रोड को पूरी तरह जाम कर दिया। इस दौरान सड़क के बीचों-बीच टायरों में आग लगाकर जोरदार नारेबाजी और प्रदर्शन किया गया, जिससे यातायात पूरी तरह ठप हो गया।

पुलिस पर बरसे बार अध्यक्ष, कहा- पहचान के बाद भी आरोपी पकड़ से दूरबार अध्यक्ष उम्मेद सिंह राठौड़ ने पुलिस प्रशासन की कार्यप्रणाली को आड़े हाथों लेते हुए तीखा आक्रोश व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि एडवोकेट गोविंद मानमिया पर जानलेवा हमला करने वाले मुख्य आरोपी दुर्गालाल उर्फ अक्षय गुर्जर उर्फ विक्रम की पहचान हो चुकी है,

और उसका साथ देने वाली महिला मारुति देवी सांसी भी पकड़ी जा चुकी है। इसके बावजूद पुलिस मुख्य आरोपी को गिरफ्तार करने में नाकाम साबित हुई है।राठौड़ ने आरोप लगाया कि इससे पहले हुए प्रदर्शन के दौरान एसपी ने जल्द गिरफ्तारी का आश्वासन

दिया था, लेकिन वादाखिलाफी से वकीलों का गुस्सा और भड़क गया है।न्यायिक कार्य का पूर्ण बहिष्कार और उग्र आंदोलन की चेतावनीवकीलों ने चेतावनी दी है कि यदि पुलिस प्रशासन ने जल्द से जल्द मुख्य आरोपी को गिरफ्तार नहीं किया, तो इस आंदोलन को और अधिक उग्र किया जाएगा। इसके तहत पूरे

राजस्थान में न्यायिक कार्य का बहिष्कार किया जाएगा। आज के प्रदर्शन के चलते वकीलों ने अदालतों में पैरवी का पूरी तरह बहिष्कार रखा, जिससे न्यायिक कामकाज ठप रहा।यह था पूरा मामलागौरतलब है कि 2 अक्टूबर की रात को बाइक पर सवार होकर जा रहे वकील गोविंद मानमिया का रास्ता रोककर स्कूटी सवार बदमाशों ने चाकू से

जानलेवा हमला कर दिया था। इस हमले में एडवोकेट गोविंद गंभीर रूप से घायल हो गए थे, जिन्हें इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा था।वकीलों का आरोप है कि घटना के बाद घायल वकील द्वारा बनाया गया वीडियो, स्कूटी का नंबर

और मौके पर लगे अभय कमांड सेंटर के सीसीटीवी फुटेज भी पुलिस को सौंपे जा चुके हैं। पुख्ता सुराग होने के बावजूद पुलिस की सुस्ती के चलते आरोपी अभी भी पुलिस की गिरफ्त से बाहर है, जिसके विरोध में वकीलों ने यह आक्रामक तेवर अपनाए हैं।

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