राजेन्द्र खटीक। नई दिल्ली:-इंडो-नेपाल बॉर्डर से सटे महराजगंज में पेट्रोल और डीजल की किल्लत के बीच अब कालाबाजारी का मामला सियासी और प्रशासनिक गलियारों में बड़ा मुद्दा बनता जा रहा है। जिले के निचलौल क्षेत्र में प्रशासन ने बुधवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए एक इंडियन पेट्रोल पंप पर छापेमारी की, जहां भारी मात्रा में डीजल और पेट्रोल संदिग्ध तरीके से छिपाकर रखा गया था।
पेट्रोलियम पदार्थों की जमाखोरी और अवैध भंडारण की खबर फैलते ही इलाके में हड़कंप मच गया।गुप्त सूचना पर पहुंची प्रशासन और पुलिस की टीम:जानकारी के मुताबिक ग्रामसभा बैठवलिया स्थित इंडियन पेट्रोल पंप पर लंबे समय से कालाबाजारी की शिकायतें मिल रही थीं।
इसी बीच प्रशासन को गुप्त सूचना मिली, जिसके बाद नायब तहसीलदार पियूष जायसवाल और थाना प्रभारी निरीक्षक अंकित कुमार सिंह पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। टीम ने पेट्रोल पंप परिसर की गहन जांच शुरू की तो कई चौंकाने वाले खुलासे सामने आए।
शौचालय और किचन में छिपाकर रखा गया था तेल:जांच के दौरान अधिकारियों को पेट्रोल पंप के शौचालय और रसोई घर में गैलनों में भरकर रखा गया डीजल और पेट्रोल मिला। भारी मात्रा में तेल देखकर अधिकारी भी हैरान रह गए।
प्राथमिक अनुमान के अनुसार करीब तीन हजार लीटर डीजल और पेट्रोल बरामद किया गया है। मौके पर मौजूद कर्मचारियों से पूछताछ की गई और भंडारण से जुड़े दस्तावेजों की भी जांच शुरू कर दी गई है।सीमा क्षेत्र में लंबे समय से मिल रही थीं शिकायतें:बताया जा रहा है कि इंडो-नेपाल सीमा क्षेत्र में पेट्रोल और डीजल की बढ़ती मांग के चलते लंबे समय से कालाबाजारी और अवैध सप्लाई की शिकायतें मिल रही थीं।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि सीमा पार तेल की तस्करी का नेटवर्क सक्रिय है, जिसकी वजह से जिले में तेल संकट लगातार गहराता जा रहा है।प्रशासन ने दी सख्त कार्रवाई की चेतावनी:नायब तहसीलदार पियूष जायसवाल ने बताया कि मामले की सूचना जिला पूर्ति अधिकारी को दे दी गई है और संबंधित विभाग जांच में जुट गया है।
रिपोर्ट आने के बाद आगे की सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने साफ कहा कि पेट्रोलियम पदार्थों की अवैध जमाखोरी और कालाबाजारी किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
प्रशासन की इस कार्रवाई के बाद क्षेत्र के अन्य पेट्रोल पंप संचालकों में भी हड़कंप मचा हुआ है।













