उधारी पर चल रहा पोषाहार, नौ माह से भुगतान नहीं होने पर शिक्षक परेशा नलंबित

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भुगतान व पोषाहार व्यवस्था में सुधार की मांग, महासंघ ने दी आंदोलन की चेतावनी

शाहपुरा (भीलवाड़ा)-राजेन्द्र खटीक।शाहपुरा।

राजकीय विद्यालयों में विद्यार्थियों के लिए संचालित मध्यान्ह भोजन (पोषाहार) योजना की व्यवस्था को लेकर शिक्षकों में असंतोष बढ़ता जा रहा है। जनवरी 2026 से सितंबर 2026 तक पोषाहार सामग्री के भुगतान का निस्तारण नहीं होने से कई विद्यालयों में व्यवस्था उधारी के भरोसे चल रही है।

लंबे समय से भुगतान लंबित रहने के कारण पोषाहार प्रभारी शिक्षकों को आर्थिक और मानसिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ जिला शाहपुरा के जिलाध्यक्ष संजीव कुमार शर्मा ने बताया कि विद्यार्थियों को नियमित पोषाहार उपलब्ध कराने के लिए शिक्षक स्थानीय

फल-सब्जी विक्रेताओं और किराना दुकानदारों से उधार लेकर सामग्री की व्यवस्था कर रहे हैं। करीब नौ माह से भुगतान लंबित होने के कारण अब दुकानदार भी उधार देने में असमर्थता जता रहे हैं।उन्होंने बताया कि जिन दुकानदारों से पूर्व में सामग्री उधार ली गई है, वे भुगतान के लिए शिक्षकों को बार-बार फोन कर रहे हैं। भुगतान नहीं कर पाने के कारण शिक्षकों को

असहज परिस्थितियों का सामना करना पड़ रहा है। शर्मा ने कहा कि शिक्षकों का मूल दायित्व शिक्षण कार्य है, इसके बावजूद उन्हें अपने स्तर पर सरकारी योजना की आर्थिक व्यवस्था संभालनी पड़ रही है।बार-बार अधिकारियों को अवगत कराने के बावजूद समाधान नहींजिला अध्यक्ष संजीव कुमार शर्मा ने बताया कि महासंघ के पदाधिकारियों एवं

कार्यकर्ताओं ने पोषाहार के लंबित भुगतान की समस्या को लेकर कई बार उच्च अधिकारियों को अवगत कराया है। इसके बावजूद अभी तक भुगतान का ठोस समाधान नहीं होने से शिक्षकों में असंतोष बढ़ रहा है।उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों के हित को ध्यान में रखते हुए शिक्षक अब तक हरसंभव सहयोग करते रहे हैं, लेकिन लंबे समय तक व्यक्तिगत

उधारी के आधार पर सरकारी योजना संचालित करना उनके लिए संभव नहीं है।पोषाहार कर्मियों का मानदेय भी लंबितमहासंघ अध्यक्ष ने बताया कि पोषाहार व्यवस्था में सहयोग करने वाली अल्प मानदेय पर कार्यरत महिला कर्मियों का मानदेय भी कई महीनों से लंबित होने की शिकायत सामने आ

रही है। इससे उनमें भी असंतोष की स्थिति बनी हुई है। समय पर भुगतान नहीं होने से विद्यालयों में पोषाहार व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका है।विभाग स्वयं संभाले आर्थिक व्यवस्थासंजीव कुमार शर्मा ने कहा कि सरकार एवं विभाग द्वारा संचालित योजना का आर्थिक भार शिक्षकों पर डालना उचित नहीं है। यदि बजट अथवा भुगतान प्रक्रिया में कोई

तकनीकी या प्रशासनिक समस्या है तो विभाग को उसका तत्काल समाधान करना चाहिए। शिक्षकों से उधार लेकर व्यवस्था चलाने की अपेक्षा नहीं की जानी चाहिए।महासंघ ने मांग की कि जनवरी 2026 से लंबित पोषाहार सामग्री के समस्त भुगतान का तत्काल निस्तारण किया जाए, पोषाहार कर्मियों का लंबित मानदेय जारी किया जाए तथा भविष्य में

पोषाहार के लिए आवश्यक राशि समय पर उपलब्ध कराई जाए।आंदोलन की चेतावनीजिला अध्यक्ष संजीव कुमार शर्मा ने कहा कि शिक्षक पिछले नौ माह से विद्यार्थियों के हित में पोषाहार व्यवस्था को किसी तरह संभाल रहे हैं। स्थानीय दुकानदारों से उधार

लेकर फल, सब्जी और किराना सामग्री की व्यवस्था की गई, लेकिन अब दुकानदार भी आगे उधार देने से मना कर रहे हैं।उन्होंने कहा कि शिक्षक अपने घर से पैसा लगाकर या लगातार कर्ज लेकर सरकारी योजना नहीं चला सकते। अधिकारियों को कई बार समस्या से अवगत कराने के बावजूद स्थायी समाधान नहीं हुआ है। केवल आश्वासन से अब काम नहीं चलेगा।

विभाग को तत्काल लंबित भुगतान जारी कर पोषाहार व्यवस्था के लिए आवश्यक राशि समय पर उपलब्ध करानी चाहिए।शर्मा ने चेतावनी दी कि यदि शीघ्र भुगतान नहीं किया गया तो महासंघ आंदोलनात्मक कदम उठाने तथा कार्य बहिष्कार जैसे विकल्पों पर विचार करेगा। उन्होंने कहा कि शिक्षकों को इस आर्थिक परेशानी से तत्काल राहत दिलाना आवश्यक है।

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