प्रेस कांफ्रेंस,,स्थान: प्रदेश कांग्रेस कार्यालय,
भोपाल9 अगस्त विश्व आदिवासी दिवस पर भाजपा नेताओं द्वारा शुभकामनाएं नहीं देना आदिवासी समाज का अपमान: रामू टेकाम
भोपाल/ 9 अगस्त विश्व आदिवासी दिवस पूरी दुनिया के आदिवासी समाज के लिए अपनी पहचान, अधिकार, संस्कृति, परंपरा और संवैधानिक अधिकारों की रक्षा का महत्वपूर्ण दिन है। लेकिन मध्य प्रदेश आदिवासी कांग्रेस का आरोप है कि विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर भाजपा के शीर्ष नेतृत्व और मध्य प्रदेश के अनेक भाजपा नेताओं द्वारा आदिवासी
समाज को शुभकामनाएं तक नहीं दी गईं।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, केंद्रीय जनजातीय कार्य मंत्री जुएल ओरांव, मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव सहित भाजपा के सांसदों और नेताओं द्वारा विश्व आदिवासी दिवस पर शुभकामना संदेश नहीं देना भाजपा सरकार के आदिवासी विरोधी रवैये को दर्शाता है।यह केवल
शुभकामना संदेश का विषय नहीं है, बल्कि देश के मूलनिवासी आदिवासी समाज के सम्मान और उसकी पहचान का सवाल है।शासकीय आईटीआई और आदिवासी छात्रावासों का निजीकरण बंद करे सरकारमध्य प्रदेश में शासकीय आईटीआई तथा आदिवासी छात्रावासों को निजी संस्थाओं के हाथों में सौंपने की प्रक्रिया का आदिवासी कांग्रेस पुरजोर
विरोध करती है।गरीब आदिवासी, किसान, दलित, पिछड़े और कमजोर वर्ग के बच्चों के लिए सरकारी संस्थान शिक्षा और रोजगार का महत्वपूर्ण माध्यम हैं। इन संस्थानों का निजीकरण गरीब और वंचित वर्ग के विद्यार्थियों के भविष्य के साथ अन्याय है।
मध्य प्रदेश आदिवासी कांग्रेस मांग करती है कि शासकीय आईटीआई और छात्रावासों को निजी संस्थाओं के हाथों में न दिया जाए तथा शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए सरकार पर्याप्त बजट और संसाधन उपलब्ध कराए।बालाघाट में बैगा आदिवासियों की मौत सरकार की गंभीर
विफलताबालाघाट जिले में एक महीने के भीतर 12 बैगा आदिवासियों की दूषित पानी से संक्रमण और मृत्यु का मामला अत्यंत गंभीर और चिंताजनक है।आदिवासी क्षेत्रों में आज भी लोगों को स्वच्छ पेयजल, स्वास्थ्य सुविधाएं और मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध नहीं हैं। यदि दूषित पानी के कारण लोगों की मृत्यु हो रही है तो यह सरकार की स्वास्थ्य व्यवस्था और
प्रशासनिक संवेदनशीलता पर गंभीर सवाल खड़े करता है।आदिवासी कांग्रेस मांग करती है कि इस पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कराई जाए, प्रभावित परिवारों को उचित सहायता दी जाए और आदिवासी क्षेत्रों में स्वच्छ पेयजल एवं स्वास्थ्य सुविधाओं की तत्काल व्यवस्था की जाए।जल-जंगल-जमीन से
आदिवासियों को बेदखल करना बंद करे सरकारमध्य प्रदेश के आदिवासी क्षेत्रों में लगातार विस्थापन, निजीकरण और बड़े पूंजीगत परियोजनाओं को बढ़ावा दिया जा रहा है। इसके कारण आदिवासी समुदाय अपने जल, जंगल और जमीन से बेदखल हो रहा है।केन-बेतवा लिंक परियोजना से प्रभावित परिवार आज भी अपने मुआवजे और अधिकारों के
लिए संघर्ष कर रहे हैं। सरकार को प्रभावित आदिवासी परिवारों की समस्याओं का तत्काल समाधान करना चाहिए।सिंगरौली में खनन और जंगलों की कटाई के कारण आदिवासी समाज के विस्थापन और अधिकारों के हनन की शिकायतें
लगातार सामने आ रही हैं। आदिवासियों की सहमति और उनके संवैधानिक अधिकारों की अनदेखी करके विकास के नाम पर उन्हें उनकी जमीन से बेदखल करना स्वीकार नहीं किया जा सकता।पेसा कानून को कमजोर करने की कोशिश बंद करे सरकारपेसा कानून आदिवासी समाज के स्वशासन और ग्राम सभा के अधिकारों की रक्षा करने वाला महत्वपूर्ण
संवैधानिक प्रावधान है। आदिवासी क्षेत्रों में ग्राम सभा की शक्तियों को कमजोर करना आदिवासी अधिकारों पर सीधा हमला है।मध्य प्रदेश सरकार को पेसा कानून की भावना के अनुरूप ग्राम सभाओं को मजबूत करना चाहिए और आदिवासी समाज के संवैधानिक अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित करनी चाहिए।मध्य प्रदेश आदिवासी कांग्रेस की प्रमुख
मांगें1. विश्व आदिवासी दिवस पर आदिवासी समाज के सम्मान और अधिकारों को लेकर सरकार स्पष्ट नीति बनाए।2. शासकीय आईटीआई और आदिवासी छात्रावासों का निजीकरण तत्काल रोका जाए।3. बालाघाट में बैगा आदिवासियों की मौत की
उच्चस्तरीय जांच कराई जाए।4. प्रभावित परिवारों को उचित आर्थिक सहायता और स्वास्थ्य सुविधाएं दी जाएं।5. केन-बेतवा लिंक परियोजना से प्रभावित परिवारों को लंबित मुआवजा एवं पुनर्वास का अधिकार दिया जाए।6. सिंगरौली सहित आदिवासी क्षेत्रों में बिना वैधानिक प्रक्रिया और ग्राम सभा के
अधिकारों की अनदेखी के विस्थापन एवं जंगल कटाई पर रोक लगाई जाए।7. पेसा कानून को कमजोर करने के बजाय ग्राम सभाओं को अधिक अधिकार और संसाधन दिए जाएं।8. आदिवासियों के जल, जंगल और जमीन के अधिकारों की संवैधानिक रूप से रक्षा की जाए।मध्य प्रदेश आदिवासी कांग्रेस आदिवासी समाज के संवैधानिक अधिकारों, सम्मान और जल-जंगल-जमीन की लड़ाई को मजबूती से जारी रखेगी।प्रेस कॉन्फ्रेंस में उपस्थित अर्चना पोर्ते राष्ट्रीय समन्वयक ऑल इंडिया आदिवासी
कांग्रेसप्रभारी- मध्य प्रदेश आदिवासी कांग्रेस, सुनील उइकेविधायक (जुन्नारदेव)राष्ट्रीय समन्वयक- ऑल इंडिया आदिवासी कांग्रेस, रामू टेकामप्रदेश अध्यक्ष मध्य प्रदेश आदिवासी कांग्रेस, चंद्रा सरवटे अध्यक्ष महिला विभाग आदिवासी कांग्रेस, प्रकाश सिंह ठाकुर उपाध्यक्ष मध्य प्रदेश आदिवासी कांग्रेस, अशोक डावर संगठन महासचिव आदिवासी कांग्रेस आधि उपस्थित रहे l