पवन परमार ब्यूरो संवाददाता जिला देवास सोनकच्छ।
ग्राम भागसरा में प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना (PMGSY) के तहत बनाई जा रही सड़क की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि सड़क निर्माण के एक दिन बाद ही डामर की परत उखड़ने लगी, जिससे घटिया निर्माण कार्य की आशंका जताई जा रही है।ग्रामीणों के अनुसार सड़क पर किया गया पैचवर्क हल्का दबाव पड़ते ही टूटने लगा। कई स्थानों पर डामर बिखर चुका है और सड़क की सतह जगह-जगह से फट रही है।
लोगों का कहना है कि निर्माण के दौरान न तो सड़क के बेस की सही तैयारी की गई और न ही डामर की मोटाई और गुणवत्ता का ध्यान रखा गया।स्थानीय नागरिकों ने आरोप लगाया कि लाखों रुपये की योजना के तहत बनने वाली यह सड़क कागज़ों में भले ही मजबूत दिखाई जा रही
हो, लेकिन ज़मीन पर इसकी हालत पहले ही दिन सामने आ गई है। यदि सड़क निर्माण की गुणवत्ता ऐसी ही रही, तो कुछ ही महीनों में सड़क पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो जाएगी।ग्रामीणों की मांगग्रामीणों ने प्रशासन और संबंधित विभाग से मांग की है
कि—सड़क निर्माण कार्य की तत्काल तकनीकी जांच कराई जाए।घटिया निर्माण करने वाले ठेकेदार पर कार्रवाई होसड़क का पुनः गुणवत्तापूर्ण निर्माण कराया जाए।भविष्य में ऐसे कार्यों की निगरानी सख्त की जाएग्रामीणों का कहना है कि प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना का उद्देश्य गांवों को मजबूत और टिकाऊ सड़कों से जोड़ना है
, लेकिन यदि निर्माण की गुणवत्ता पर ध्यान नहीं दिया गया, तो यह योजना केवल सरकारी धन की बर्बादी बनकर रह जाएगी।भागसरा में उखड़ती सड़क ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या योजनाओं की निगरानी सिर्फ फाइलों तक सीमित रह गई है।
























