सरकारी अनाज की हेराफेरी के आरोपों से मचा हड़कंप, निष्पक्ष जांच और सख्त कार्रवाई की मांग तेज
शाहपुरा (भीलवाड़ा)-राजेन्द्र खटीक। फूलियाकलां-कस्बे में सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) के तहत सरकारी गेहूं की कथित हेराफेरी का मामला सामने आने के बाद प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए राशन डीलर रामदेव रेगर का प्राधिकार पत्र संख्या 758/03 निलंबित कर दिया है। मामले ने पूरे क्षेत्र में खाद्य वितरण व्यवस्था और विभागीय निगरानी पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
जानकारी के अनुसार, कुछ दिन पूर्व ग्रामीणों ने लालाराम रावण के नेतृत्व में जिला कलेक्टर के नाम तहसीलदार को ज्ञापन सौंपकर राशन डीलर पर अनियमितताओं के आरोप लगाए थे। शिकायत के आधार पर 30 मई 2026 को प्रवर्तन निरीक्षक मीनाक्षी मीणा ने राशन डीलर के गोदाम का निरीक्षण किया। जांच के दौरान स्टॉक में मात्र एक किलो गेहूं दर्ज मिला, जबकि बाद में गोदाम से करीब 33.50 क्विंटल गेहूं अवैध रूप से रखा हुआ बरामद होने पर उसे जब्त कर अन्य राशन डीलर भागचंद माली को सुपुर्द किया गया।
ग्रामीणों का आरोप है कि उस समय राशन डीलर के घर में भी बड़ी मात्रा में गेहूं छिपाकर रखा गया था, लेकिन अधिकारी जब घर पहुंचे तो मकान पर ताला लगा मिला और डीलर फरार हो गया। इसके बाद जिला रसद अधिकारी अमरेंद्र मिश्रा ने राशन डीलर का लाइसेंस निलंबित कर दिया।
शुक्रवार को मामले ने नया मोड़ ले लिया जब शिकायतकर्ता लालाराम रावण को सूचना मिली कि डीलर अपने घर से गेहूं से भरी 407 गाड़ी (आरजे-14-जीएफ-0489) बाजार में बेचने के लिए भेज रहा है। सूचना पर ग्रामीण मौके पर पहुंचे और वाहन को रुकवाकर प्रशासन को अवगत कराया। जिला रसद अधिकारी के निर्देश पर फूलियाकलां पुलिस ने मौके पर पहुंचकर गेहूं से भरी गाड़ी को कब्जे में लेकर थाने में खड़ा करवाया।ग्रामीणों का कहना है कि यदि विभाग पहले ही डीलर के घर की तलाशी ले लेता तो गरीबों के हक का और अधिक सरकारी गेहूं बरामद हो सकता था। अब ग्रामीण निष्पक्ष एवं उच्च स्तरीय जांच की मांग कर रहे हैं।
उनका कहना है कि यदि सरकारी अनाज की हेराफेरी, गबन अथवा अन्य अनियमितताओं की पुष्टि होती है तो दोषियों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए।फिलहाल पूरे क्षेत्र की नजरें खाद्य विभाग और पुलिस की आगामी कार्रवाई पर टिकी हैं।
लोगों में यह चर्चा भी है कि जब्त की गई गेहूं से भरी गाड़ी को विधिवत सीज किया जाएगा या नहीं तथा मामले में गिरफ्तारी जैसी सख्त कार्रवाई होगी या नहीं। यह मामला फूलियाकलां सहित आसपास के क्षेत्र में चर्चा का प्रमुख विषय बना हुआ है।















