शाजापुर: मकान पर अवैध कब्जा, मारपीट और जातिसूचक गाली-गलौज का मामला; पीड़ित ने एसपी से लगाई न्याय की गुहार आदिवासी समाज पर अत्याचार हो रहे है ना अभी तक पुलिस ने अपनी तरफ से कोई कारवाई नहीं होई

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​शाजापुर (म.प्र.)। जिले में मकान सौदे से जुड़े एक मामले में एक व्यक्ति के साथ धोखाधड़ी, मारपीट और जातिसूचक शब्दों के इस्तेमाल का गंभीर मामला सामने आया है। पीड़ित राधेश्याम (निवासी वार्ड न. 20, बरनावाद) ने शाजापुर पुलिस अधीक्षक को लिखित शिकायत सौंपकर आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग की है।​क्या है पूरा मामला?पीड़ित राधेश्याम ने अपनी शिकायत में बताया कि उन्होंने 06 दिसंबर 2023 को मंजू बाई (पति दिनेश

, निवासी बरनावाद) से एक मकान नोटरी के माध्यम से खरीदा था, जिसका इकरारनामा 1000 रुपये के स्टैंप पर हुआ था। आरोप है कि मंजू बाई लगातार रजिस्ट्री कराने में टालमटोल कर रही हैं।​आरोपियों पर हमले और धमकाने का आरोपपीड़ित का कहना है

कि 05 मई 2026 को मंजू बाई का भाई योगेश उनके पास आया और यह कहकर मकान की चाबी ले गया कि बहन के पति का निधन हो गया है और घर में कार्यक्रम है। मानवता के नाते पीड़ित ने चाबी दे दी।​जब 12 मई 2026 को पीड़ित चाबी वापस लेने गया, तो वहां मौजूद मंजू बाई, दिनेश, मुकेश, संजय, अजय और योगेश ने कथित तौर पर एकमत होकर पीड़ित पर हमला कर दिया और धक्का-मुक्की की।

पीड़ित का आरोप है कि आरोपियों ने उन्हें जातिसूचक शब्द (भीलटे) कहे और मां-बहन की अश्लील गालियां दीं। साथ ही, उन्हें जान से मारने की धमकी देते हुए कहा कि यदि दोबारा चाबी या मकान कब्जाने आए, तो उनके टुकड़े-टुकड़े कर जमीन में गाड़ देंगे। पीड़ित के अनुसार, आरोपियों ने उनकी दुकान के शटर के ताले तोड़ दिए और उनकी मोटरसाइकिल भी छीन ली।​पुलिस पर निष्क्रियता का आरोप

पीड़ित राधेश्याम का आरोप है कि उन्होंने इस संबंध में बड़ोदिया पुलिस थाने में शिकायत की थी, लेकिन पुलिस ने अब तक आरोपियों के खिलाफ कोई मामला दर्ज नहीं किया है। पीड़ित ने एसपी से मांग की है कि आरोपियों के खिलाफ तुरंत एफआईआर दर्ज कर उनके मकान को अवैध कब्जे से मुक्त कराया जाए और उन्हें न्याय दिलाया जाए।

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