प्रदीप कुमार नायक स्वतंत्र लेखक एवं पत्रकार
पूर्व मुख्य न्यायाधीश सुशीला कार्की को जनरल-जी पीढ़ी के आंदोलन के बल पर प्रधानमंत्री नियुक्त किया गया है। राष्ट्रपति राम चंद्र पौडेल द्वारा शुक्रवार रात्रि के नौ बजे पद और गोपनीयता की शपथ दिलाए जाने के बाद कार्की नेपाल की पहली महिला प्रधानमंत्री बनीं।
राष्ट्रपति पौडेल ने देश में उत्पन्न अद्वितीय एवं असाधारण परिस्थिति को ध्यान में रखते हुए और युवा पीढ़ी की इच्छाओं एवं आकांक्षाओं के अनुरूप, राजनीतिक दलों एवं हितधारकों से परामर्श के बाद, नेपाल के संविधान धारा 273 (1 ) के अनुसार, कार्की को प्रधानमंत्री नियुक्त किया है। अंतरिम प्रधानमंत्री कार्की को अगले छह महीनों के भीतर प्रतिनिधि सभा के चुनाव कराने का अधिदेश दिया गया है।
राष्ट्रपति कार्यालय द्वारा जारी एक बयान में कहा गया है, “चूंकि नेपाल के संविधान को बनाए रखने और उसकी रक्षा करने तथा नेपाल की राष्ट्रीय एकता को बढ़ावा देने के लिए राष्ट्रपति की अंतर्निहित संवैधानिक शक्तियों का प्रयोग करना आवश्यक है,
इसलिए राष्ट्रपति को, राज्य प्रमुख के रूप में, प्रधानमंत्री की सिफारिश और सहमति पर, कार्की के नेतृत्व में अंतरिम सरकार का प्रधानमंत्री नियुक्त किया गया है, जिसका उद्देश्य नेपाल के संविधान द्वारा राष्ट्रपति को सौंपे गए संवैधानिक रूप से प्रतिबंधात्मक प्रावधानों के अनुसार छह महीने के भीतर प्रतिनिधि सभा के लिए एक और चुनाव कराना है।” शुक्रवार को केवल प्रधानमंत्री कार्की ने शपथ ली। प्रधानमंत्री कार्की अब सभी सरकारी मंत्रालयों का कार्यभार संभालेंगे।
शपथ ग्रहण समारोह में पूर्व प्रधानमंत्री बाबूराम भट्टाराई, नेशनल इंडिपेंडेंट पार्टी की सांसद सुमना श्रेष्ठा और अन्य लोग मौजूद थे। साथ ही, उद्यमी संजोग कोइराला, अशिम्मन सिंह बस्नेत, गोविंदा नारायण और अन्य भी मौजूद थे।
अमेरिका, भारत और चीन सहित कई देशों के राजदूत भी शपथ ग्रहण समारोह में भाग लेने के लिए शीतल निवास पहुँचे।*कौन हैं नेपाल की अंतरिम प्रधानमंत्री सुशीला कार्की?*सुशीला कार्की अपनी ईमानदार छवि और सख्त कार्यशैली के लिए जानी जाती हैं। सुप्रीम कोर्ट की जज रहते हुए उन्होंने कई ऐतिहासिक और कड़े फैसले सुनाए, जिनसे कई बार सरकारें भी उनके खिलाफ हो गईं। नेपाल में वे लाखों महिलाओं के लिए प्रेरणा और संघर्ष की प्रतीक मानी जाती हैं।.
सुशीला कार्की का जन्म बिराटनगर नेपाल में 07 जून 1952 में हुआ था l • ग्रामीण पृष्ठभूमि से आईं सुशीला कार्की के पिता किसान थे।• महेंद्र मोरंग कैंपस से बीए और बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी से एमए (पॉलिटिकल साइंस) किया।• 1980 में कानून की पढ़ाई त्रिभुवन विश्व विधालय, काठमांडू से शुरू की और वकालत में मानवाधिकार मामलों को उठाया।• 2009 में सुप्रीम कोर्ट की एड-हॉक जज, 2010 में स्थायी जज बनीं।• 2016 में इतिहास रचते हुए नेपाल की पहली महिला चीफ जस्टिस बनीं।
सुशीला कार्की का प्रधानमंत्री बनना नेपाल ही नहीं बल्कि पुरे दक्षिण एशिया के लिए महिला नेतृत्व का प्रेरक उदाहरण माना जा रहा हैं l नेपाल की जनता इस कदम को राजनीतिक स्थिरता और सुशासन की दिशा में महत्वपूर्ण उम्मीद के रूप में देख रहीं हैं l उनके नेतृत्व में नेपाल समृद्धि, सुशासन और राष्ट्रीय एकता के रास्ते पर अग्रसर होने की उम्मीद जताई जा रहीं हैं l























