सुप्रीम कोर्ट की पहल से न्याय होगा और सुलभ
एमएसीटी सॉफ्टवेयर का हुआ शुभारंभ–
राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (नालसा), नई दिल्ली के तत्वावधान में आज भारत के सर्वोच्च न्यायालय से एमएसीटी (मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण) सॉफ्टवेयर का भव्य उद्घाटन किया गया।
इस ऐतिहासिक अवसर पर न्यायमूर्ति श्री सूर्यकांत, न्यायाधीश, सर्वोच्च न्यायालय एवं अध्यक्ष, नालसा ने अपने करकमलों से सॉफ्टवेयर का लोकार्पण किया। इस अवसर पर मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश एवं अन्य न्यायाधीशगण भी ससम्मान उपस्थित रहे।
मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय, जबलपुर से प्राप्त निर्देशानुसार, प्रदेश के सभी जिला एवं सत्र न्यायालयों के प्रधान जिला न्यायाधीशों को यह सुनिश्चित करने के लिए निर्देशित किया गया था कि वे स्वयं तथा उनके अधीनस्थ सभी न्यायिक अधिकारी अपने-अपने जिला मुख्यालयों पर उपस्थित रहकर इस कार्यक्रम में प्रातः 11 बजे वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सम्मिलित हों।
निर्देशों के अनुपालन में जिला मुख्यालय शाजापुर में प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्री आनंद कुमार तिवारी की उपस्थिति में जिला न्यायालय शाजापुर एवं तहसील न्यायालय शुजालपुर के समस्त न्यायिक अधिकारी इस कार्यक्रम में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सम्मिलित हुए।
यह तकनीकी पहल न्यायपालिका की आधुनिकता की दिशा में एक सशक्त कदम है, जिसके माध्यम से मोटर दुर्घटना दावा प्रकरणों के त्वरित, पारदर्शी एवं प्रभावी निस्तारण की प्रक्रिया को नई गति मिलेगी। इससे न केवल पीड़ित पक्षकारों को शीघ्र न्याय प्राप्त होगा, बल्कि न्यायालयीन कार्यप्रणाली में भी दक्षता और पारदर्शिता में अभिवृद्धि होगी।









