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समेकित बाल संरक्षण मिशन वात्सल्य योजनांतर्गत कार्यशाला सम्पन्न।

दतिया। समेकित बाल संरक्षण (मिशन वात्सल्य) योजनांतर्गत कलेक्टर स्वप्निल वानखडे के निर्देशन में महिला एवं बाल विकास विभाग विभाग द्वारा आज शुक्रवार को लैंगिक अपराधों से बालकों के संरक्षण अधिनियम (पॉक्सो एक्ट 2012, किशोर न्याय (बालकों की देखरेख और संरक्षण) अधिनियम 2015 व बाल अधिकार, बाल विवाह, बाल श्रम, बाल दुर्व्याोपार, वल्ने रिबिलिटी मैपिंग, साइबर…

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दतिया। समेकित बाल संरक्षण (मिशन वात्सल्य) योजनांतर्गत कलेक्टर स्वप्निल वानखडे के निर्देशन में महिला एवं बाल विकास विभाग विभाग द्वारा आज शुक्रवार को लैंगिक अपराधों से बालकों के संरक्षण अधिनियम (पॉक्सो एक्ट 2012, किशोर न्याय (बालकों की देखरेख और संरक्षण) अधिनियम 2015 व बाल अधिकार, बाल विवाह, बाल श्रम, बाल दुर्व्याोपार, वल्ने रिबिलिटी मैपिंग, साइबर क्राईम एवं गैर संस्थागत देखरेख और पुनर्वास, आई.सी.पी., केस मैनेजमेंट एवं एस.आई.आर. आदि विषय पर प्रशिक्षण सह कार्यशाला का आयोजन पुरानी कलेक्ट्रेदट सिविल लाइन दतिया में किया गया।

कार्यक्रम के प्रारंभ में जिला कार्यक्रम अधिकारी अरविन्दं उपाध्याय द्वारा उपस्थित प्रतिभागियों को संबोधित करते हुये कहा गया कि बच्चों से जुडे हुये मामले अत्यदधिक संवेदनशील होते है जिन्हें बाल संरक्षण से संबंधित कार्यकरने वाले हितधारकों को अत्यचधिक संवेदनशीलता के साथ संपादित करने की आवशकता होती है जिसके लिये समय समय पर हितधारकों के उन्मुखीकरण हेतु बाल संरक्षण से संबंधित समेकित बाल संरक्षण (मिशन वात्सल्य) के प्रशिक्षणों का आयोजन किया जाता है।

वर्तमान परिवेश में ऑनलाइन शिक्षा के लिये मोबाइल की आवश्य कता बढती जा रही है परंतु इससे बच्चों के साथ साइबर जोखिम बढने और उनके साथ साइबर अपराध घटित होने की संभावनाओं से इंकार नहीं किया जा सकता अतरू इससे बचने के लिये बच्चो को मोबाइल स्क्रीनिंग की अपेक्षा स्मार्ट टी.व्ही. के माध्याम से ऑनलाइन क्लांसेस हेतु प्रेरित किया जाना अधिक सुरक्षित होगा।

कार्यक्रम में मौजूद बाल कल्याण समिति सीडब्लूसी अध्यक्ष कल्पना बैस द्वारा देखरेख और संरक्षण वाले बच्चों के सर्वाेत्तम हित के लिए जिला स्तर पर बाल कल्याण समिति गठन, कार्य पद्धति व उनके अधिकार पर व्यापक प्रशिक्षण दिया गया।

मुख्य प्रशिक्षक बाल संरक्षण अधिकारी धीरसिंह कुशवाह ने किशोर न्याय अधिनियम के तहत पाए गए बालक या गुमशुदा बालक देखरेख व संरक्षण वाले बच्चों की सूचना अथवा रिपोर्टिंग न करने पर वैधानिक कार्यवाही की जावेगी। उन्होंने किशोर न्याय अधिनियम व किशोर न्याय बोर्ड के संबंध में प्रभावी प्रशिक्षण दिया।

इसके साथ ही बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम, बाल एवं कुमार श्रम प्रतिषेध अधिनियम, बाल दुर्व्यायपार, वल्नेारिबिलिटी मैपिंग, साइबर क्राईम एवं गैर संस्थांगत देखरेख और पुनर्वास, आई.सी.पी., केस मैनेजमेंट एवं एस.आई.आर आदि के संबंध में व्यापक जानकारी दी उन्होंने उपस्थित प्रतिभागियों को आई.सी.पी. एवं एस.आई.आर. प्रपत्र के प्रत्येक बिन्दु को कैसे भरा जायेगा के संबंध में विस्तार से बताया।

इसी क्रम में धरती संस्थाह के सदस्यत एस. आर. चतुरवेदी द्वारा बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम 2006 के संबंध में जानकारी दी गई।

प्रशिक्षण में प्रभावी संचालन परामर्शदाता राजीव चौबे द्वारा किया। प्रशिक्षण में प्रतिभागियों के रूप में मुख्य बाल कल्याण समिति सदस्य संतोष तिवारी, सुपरवाइजर आरती गुप्ता जण्डेंल सिंह तोमर, सपोर्ट पर्सन गीता यादव, आंगनबाडी कार्यकर्तायें, जिला बाल संरक्षण इकाई के अधिकारी एवं कर्मचारी, वार्ड बाल संरक्षण समिति के सदस्य, एन.जी.ओ. सदस्य आदि उपस्थित रहे।

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