युवा देश की थाती है :- विजय दीक्षित राष्ट्रीय

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स्वयंसेवक संघ के सौ वर्ष पूर्ण होने पर यह वर्ष संघ शताब्दी वर्ष के रूप में मनाया जा रहा है जिसमें वर्ष भर चलने वाले कार्यक्रमों में दतिया नगर की रतन वाटिका में राष्ट्रगीत वंदे मातरम के साथ”युवा संवाद ” कार्यक्रम का आयोजन किया गया जिसमें मुख्य वक्ता के रूप में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ मध्य भारत प्रां

त के सह प्रांत कार्यवाह विजय जी दीक्षित रहे तथा कार्यक्रम की अध्यक्षता दतिया जिले के माननीय जिला संघ चालक श्री केदार सिंह जी गुर्जर ने की मुख्य वक्ता नेअपने उद्बबोधन में कहां की युवा इस देश की थाती है युवा ही देश को बदल सकता है और समाज में परिवर्तन ला सकता है

हमारे देश का युवा बहुआयामी है इसलिए भारत के युवाओ को पूरी दुनिया में रोजगार बड़े आराम से मिलते हैं विदेशों में लोगों को चिंता हो रही है कि भारत के लोग हमारे रोजगार पकड़ रहे हैं कुछ भारतीयों ने सोचा कि क्यों ना हम अपने देश में ही अपने देश के लिए कार्य करें और वह अपनी सेवाएं अपने देश के लिए दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि संघ केवल युवाओं के लिए ही नहीं बल्कि सर्व समाज के बारे में सोचता है और

महाविद्यालयीन विद्यार्थी समाज के बारे में सोचें और समाज हित में काम करें हमारा युवा नौकरी करने वाला ना बने बल्कि नौकरी देने वाला बने। उन्होंने बताया कि पुरानी पीढ़ी में हमारे माता-पिता हमारे बारे में जो निर्णय लेते थे वह हमारे लिए सही होता था परंतु आज की पीढ़ी तार्किक पीढ़ी है वह हर काम

तर्क के साथ करना चाहती है और अपने हर प्रश्न का उत्तर चाहती है संवाद करना चाहती है अतः युवाओं से संवाद होना ही चाहिए। युवाओं में जो नशे की आदत फैल रही है उसे युवाओं को बचाने का काम केवल सरकार के भरोसे नहीं होगा इसके लिए समाज के लोगों को आगे जाकर समाज को व्यसन मुक्त बनाना होगा । समसामयिक घटना पर प्रकाश डालते हुए

उन्होंने बताया की वंदे मातरम का विरोध अंग्रेजों के समय में तो समझ आता है परंतु आज के समय में भी वंदे मातरम का विरोध विडंबना है संघ के बारे में उन्होंने बताया कि संघ की शाखा नेतृत्व करने की क्षमता का विकास करती है किसी भी त्रासदी में संघ का स्वयंसेवक सबसे पहले खड़ा मिलता है जब तक समाज का प्रत्येक व्यक्ति राष्ट्रभक्त नहीं होगा तब तक समाज शिखर पर नहीं पहुंच सकता।। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में युवा शक्ति उपस्थिति रही।

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