जय शिव बाबा की प्रतिमा होंगी स्थापित, छापीडेम का धार्मिक स्वरूप होगा और भव्य

पवन कुमार जाटव/ जीरापुर (राजगढ़) जीरापुर नगर परिषद द्वारा छापीडेम को धार्मिक एवं पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कार्य किए जा रहे हैं। इसी क्रम में छापीडेम स्थित शिवालय परिसर में संत जय शिव बाबा की प्रतिमा स्थापित की जाएंगी। करीब 24 लाख रुपये की लागत से चल रहे…

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पवन कुमार जाटव/ जीरापुर (राजगढ़)

जीरापुर नगर परिषद द्वारा छापीडेम को धार्मिक एवं पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कार्य किए जा रहे हैं। इसी क्रम में छापीडेम स्थित शिवालय परिसर में संत जय शिव बाबा की प्रतिमा स्थापित की जाएंगी।

करीब 24 लाख रुपये की लागत से चल रहे विकास कार्यों में प्रतिमा स्थापना सहित अन्य सुविधाओं का निर्माण भी शामिल है। उपयंत्री ब्रजेश उपाध्याय के अनुसार राजस्थान के जयपुर में जय शिव बाबा की प्रतिमा तैयार की जा रही है जो शीघ्र ही जीरापुर पहुंचेगी।

आगामी एक माह में प्रतिमा स्थापना सहित सभी कार्य पूर्ण करने का लक्ष्य रखा गया है। संत जय शिव बाबा नगर की धार्मिक एवं सामाजिक चेतना के प्रमुख प्रेरणास्रोत रहे हैं।

वे वर्ष 1960 के आसपास राजस्थान के रायपुरिया क्षेत्र से जीरापुर आए थे। उन्होंने चोपड़ा बाजार, बुधवारिया बाजार, किशनगढ़ मोहल्ला और बस स्टैंड सहित कई स्थानों पर प्याऊ स्थापित कर लोगों को निशुल्क पेयजल उपलब्ध कराया।

बस स्टैंड स्थित उनकी प्याऊ आज भी संचालित है। वे धर्म प्रचार, समाज सेवा और बच्चों में संस्कार निर्माण के लिए विशेष रूप से जाने जाते थे।

वर्ष 1972 में उनके निधन के बाद से श्रद्धालु उनकी स्मृति में प्रतिमा स्थापित करने की मांग कर रहे थे जिसे अब नगर परिषद साकार कर रही है।

संत की प्रतिमा उसी स्थान पर स्थापित की जाएगी जहां उनका अंतिम संस्कार हुआ था। साथ ही छापी मैया की प्रतिमा भी श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र बनेगी।इसी के साथ छापी मैया की प्रतिमा लगाने का प्रस्ताव भी नगर परिषद ने पास कर रखा है।

निकट भविष्य में छापी मैया की प्रतिमा भी लगाई जाएगी।छापी डेम का लगातार हो रहा विकास। और आगे भी बढ़ेंगी सुविधाएं।

वर्ष 1972 में तत्कालीन विधायक एवं स्वतंत्रता संग्राम सेनानी स्वर्गीय प्रभुदयाल चौबे के प्रयासों से बने छापी डेम को पिछले कुछ वर्षों में नगर परिषद ने पर्यटन और धार्मिक दृष्टि से विकसित किया है।

यहां घाट, पार्क, पेवर ब्लॉक, आकर्षक प्रवेश द्वार, बैठक व्यवस्था और प्रकाश व्यवस्था विकसित की जा चुकी है। वर्तमान में मुख्य मार्ग से शिवालय तक सड़क बनी हुई है व बिजली के पोल लगे है।

भविष्य में यहां पौधारोपण, कुंड निर्माण और अन्य सुविधाएं विकसित करने की भी योजना है। जिससे यह स्थल धार्मिक पर्यटन का प्रमुख केंद्र बन सके।

नगर परिषद अध्यक्ष अनुसुइया पवन कुशवाह व उपाध्यक्ष हेमंत जोशी ने कहा कि छापी डेम नगर की आस्था और पहचान का केंद्र है।

संत जय शिव बाबा एवं छापी मैया की प्रतिमाएं स्थापित होने से इसकी धार्मिक गरिमा और बढ़ेगी। लगभग 24 लाख रुपये की लागत से विकास कार्य कराए जा रहे हैं और हमारा प्रयास है कि आगामी एक माह में सभी कार्य पूर्ण कर श्रद्धालुओं को समर्पित कर दिए जाएं। भविष्य में भी यहां चरणबद्ध तरीके से नए विकास कार्य किए जाएंगे।

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