, , ,

बिहार। “मामला पब्लिक लाइब्रेरी का ” सामाजिक कार्यक्रम में बार बालाएं एवं डांसर गर्ल का अश्लील नाच कहा तक उचित है?

शादी – विवाह के नाम पर मस्ती एक अनुचित और प्रतिबंधित सवाल हैं ? प्रदीप कुमार नायक स्वतंत्र लेखक एवं पत्रकार मिथिला जो संस्कार, कला..

3 minutes

Read Time

शादी – विवाह के नाम पर मस्ती एक अनुचित और प्रतिबंधित सवाल हैं ?

प्रदीप कुमार नायक स्वतंत्र लेखक एवं पत्रकार

मिथिला जो संस्कार, कला और सभ्यता के संगम का प्रतीक हुआ करता था l आज उसकी दीवारें दरक रहीं हैं l मधुबनी जिले के राजनगर पब्लिक लाइब्रेरी के प्रांगण में शादी – विवाह जैसे पवित्र कार्यक्रम में बार बालाएं एवं डांसर गर्ल का अश्लील वीडियो और आलेख वायरल होने के बाद कुछ सामाजिक समूहों और सोशल मीडिया पर इसे अश्लील बताया गया और इसके खिलाफ कई लोगों ने सवाल भी उठाएं l

अब यहाँ भी शादी – विवाह तथा अन्य शुभ अवसरों पर रस्म नहीं बल्कि डी जे के धुन पर स्टेज पर डांसर गर्ल तथा बार बालाओं का नृत्य जमकर होती रहीं हैं l हिन्दी, भोजपुरी या आइटम गीतों पर डांस करने वाली प्रोफेशनल डांसर ग्रुप को शादी – विवाह में बुलाना अब स्टेट्स सिंबल का सवाल बन गया हैं l

पिछले कई वर्षों से राजनगर पब्लिक लाइब्रेरी को बन्द कर हजारों रूपये किराये के रूप में लेकर शादी – विवाह तथा अन्य प्रायोजनों में देने की मनमानी चल पड़ी हैं l यहाँ अधिकांश शादी – विवाह तथा अन्य प्रायोजनों में डांस गर्ल तथा बार बालाओं का आना भी होती रहीं हैं l जहाँ इन पर अश्लीलता का आरोप भी लगते रहें हैं l कई बार तो अश्लील गानों की वजह से परिवार, बच्चें, बुजुर्ग सबके सामने असहज महसूस करते हैं l दूसरी ओर इस कार्यक्रम की वजह से यहाँ बारात में डांसर गर्ल को लेकर मारपीट, झगड़ा, झंझट की घटनाएं भी हुई l शराब की नशे में कई लोग बदतजीमी भी करते हैं l

बिहार में ” बिहार प्रोहिबीशन ऑफ ऑब्जसेंस डांस एक्ट ” जैसा कानून तो नहीं बना हैं l लेकिन, अगर किसी सार्वजनिक स्थान तथा पब्लिक लाइब्रेरी परिसर पर अश्लील डांस होता हैं तो आई पी सी की धारा 294 के तहत सजा का प्रावधान हैं l 2016 में पटना हाई कोर्ट ने भी कहाँ था कि शादी – विवाह में अश्लील डांस पर रोक लगनी चाहिए l पुलिस को शिकायत पर इन पर कार्रवाई हो सकती हैं l

रात के 10 बजे के बाद डी जे और डांस पर वैसे भी रोक लगा हुआ हैं l मोटर वाहन अधिनियम 1988 की धारा 52 और 55 के तहत बिना परमिशन और बिना रजिस्ट्रेशन के डी जे बजाना पूरी तरह वर्जित हैं l दूसरी ओर बिहार में फ़रवरी 2026 से बिना अनुमति और अवैध रूप से संशोधित डी जे पर पूर्ण प्रतिबन्ध लगाने की घोषणा की गई हैं l डांसर भी एक कलाकार हैं l उनके साथ बदतमीजी, नोट उड़ाना, छूने की कोशिश करना भी अपराध हैं l आई पी सी धारा 292 – 294 के तहत अश्लील सामग्री का प्रदर्शन एक दंडनीय अपराध हैं l बालश्रम निषेध एवं विनिमय, 1986 ( संशोधित ) 2016 के तहत 14 वर्ष से कम उम्र के बच्चों को किसी भी व्यवसाय में काम पर रखना पूरी तरह प्रतिबन्ध हैं, और 14 से 18 वर्ष के किशोरों के लिए ख़तरनाक काम पर रोक लगाता हैं l उल्लंघन पर 6 महीने से दो साल तक की जेल और पचास हजार तक का जुर्माना का प्रावधान हैं l

2016 से बिहार उत्पाद शुल्क नीति के तहत राज्य में शराब बिक्री और सेवन पर पूर्ण प्रतिबन्ध हैं l फिर भी इसके प्रांगण में शादी – विवाह जैसे पवित्र आयोजन पर खुलेआम शराब का सेवन लोग करते रहें हैं l लाइब्रेरी परिसर में शादी – विवाह, शराब, मस्ती, अश्लील डांस, बालश्रम, डी जे एक अनुचित और प्रतिबंधित सवाल हैं ?

शादी – विवाह में शराब और मस्ती का चलन आम हैं, लेकिन यह खुशी और हंगामें के बीच एक पतली रेखा पर चलता हैं l यह जश्न का जरिया नहीं बल्कि प्रांगण में हुड़दंग बाजी से शादियों में विवाद, झगड़े और बदनामी की घटनाएं होती हैं l

यह सामाजिक और कानूनी तौर पर भी संवेदनशील विषय हैं l शादी दो परिवारों का मिलन हैं, सिर्फ दिखावे का इवेंट शो नहीं l समाज में जागरूकता फैलाकर इस दिखावे की डांस गर्ल संस्कृति को रोका जा सकता हैं l

About The Author

Latest News

View All

About the Author

Easy WordPress Websites Builder: Versatile Demos for Blogs, News, eCommerce and More – One-Click Import, No Coding! 1000+ Ready-made Templates for Stunning Newspaper, Magazine, Blog, and Publishing Websites.

BlockSpare — News, Magazine and Blog Addons for (Gutenberg) Block Editor

You May Have Missed