दाई हलीमा हॉस्पिटल में रक्तदान, स्वास्थ्य जांच, डेंटल और करियर गाइडेंस एक साथ – कुरान तिलावत से हुई शुरुआत
शाहपुरा (भीलवाड़ा)-राजेन्द्र खटीक।
भीलवाडा-इस्लामिक नववर्ष एवं हजरत सैयद इमाम हुसैन (अ.स.) की याद में रक्तमित्र समूह, भीलवाड़ा ने दाई हलीमा मेटरनिटी हॉस्पिटल परिसर में इंसानियत, सेहत और इल्म का महा संगम आयोजित किया। रक्तदान, निःशुल्क स्वास्थ्य जांच, डेंटल जांच और करियर गाइडेंस शिविर में कुल 637 लोगों ने लाभ लिया।
कुरान तिलावत से हुई शुरुआत कार्यक्रम की शुरुआत हजरत इरफान साहब की पवित्र कुरान तिलावत से हुई। उन्होंने इमाम हुसैन की शहादत और पैगाम-ए-इंसानियत पर प्रकाश डालते हुए कहा कि “रक्तदान जरूरतमंदों की मदद करने और इंसानियत की सेवा करने का सबसे बेहतरीन माध्यम है”।249 यूनिट रक्तदान, 747 जिंदगियां बचेंगी शिविर में समाज के सभी वर्गों के युवाओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। बिना किसी लालच के 249 यूनिट रक्तदान हुआ।
चिकित्सा विशेषज्ञों के अनुसार ये रक्त 3 लोगों की जान बचाएगा, यानी लगभग 747 जिंदगियां बचेंगी। रक्त संग्रहण भीलवाड़ा के चार ब्लड बैंक – महात्मा गांधी ब्लड बैंक, रामस्नेही ब्लड बैंक, भीलवाड़ा ब्लड बैंक और अरिहंत ब्लड बैंक ने किया।
सेहत और शिक्षा पर जोर Dr. Lal Path Labs की टीम ने 150 लोगों की निःशुल्क स्वास्थ्य जांच कर परामर्श दिया। रक्तमित्र समूह और रामस्नेही चिकित्सालय के संयुक्त डेंटल शिविर में 185 मरीजों का दंत परीक्षण कर दवाइयां दी गईं। वहीं करियर गाइड के साथ मिलकर 53 विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा और रोजगारोन्मुखी कोर्स की काउंसलिंग की गई।
“इमाम हुसैन का पैगाम है त्याग” – मुकीम खान रक्तमित्र समूह के संस्थापक मुकीम खान ने बताया कि हर साल याद-ए-इमाम हुसैन पर ऐसे जनकल्याण कार्यक्रम इसलिए होते हैं ताकि इमाम हुसैन का संदेश – मानवता, त्याग और जरूरतमंदों की सहायता – हर घर तक पहुंचे। “रक्तदान उसी पैगाम को अमल में लाने का जरिया है,” उन्होंने कहा।
रक्तदाताओं का हुआ सम्मान सुदामा फाइनेंस प्राइवेट लिमिटेड के संचालक इमरान खान कायमखानी ने सभी रक्तदाताओं को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया। शब्बीर शेख, रफीक साहब UIT, मुस्तकीम काजी कप्तान और हाजी शब्बीर अली रंगरेज ने आयोजन को कौमी खिदमत बताते हुए भाईचारे को मजबूत करने वाला कदम कहा।शिविर के प्रमुख सहयोगी ये रहे।
गोटू मोहम्मद, अरमान घोसी, अजहर घोसी, शानू घोसी, जाहिद खान पठान, नारू भाई शेख, इकबाल खान भदाली, वसीम खान कायमखानी, मोअज्जम अली, आरिफ रंगरेज, मुन्नवर खान पठान, ताहिर शेख और अलीशेर खान कायमखानी।
कार्यक्रम के अंत में आरिफ अहमद शेख, मोहम्मद सलीम गौड़, निजामुद्दीन कुरैशी, एजाज शेख और डॉ. असलम मंसूरी ने सभी सहयोगियों का आभार जताते हुए इंसानियत की सेवा जारी रखने का संकल्प दोहराया।















