वायरल बुखार से पीड़ित बताए जा रहे हैं।
मौसम में बदलाव से बढ़े वायरल बुखार और पेट के संक्रमण के मरीजमुख्य बिंदु:मौसम में लगातार हो रहे बदलाव के कारण सिविल और निजी अस्पतालों में वायरल बुखार के मरीजों की संख्या में तेजी से
बढ़ोतरी हो रही है।सिविल अस्पताल की ओपीडी में रोजाना पहुंचने वाले मरीजों में से करीब 70 प्रतिशत मरीज वायरल बुखार से पीड़ित बताए जा रहे हैं।इस बार मरीजों में तेज बुखार के साथ ठंड लगना,
कंपकंपी, बदन दर्द, कमजोरी और ठीक होने में 7 से 8 दिन या उससे अधिक समय लगने की शिकायत ज्यादा है।एक परिवार में एक सदस्य के ठीक होने के बाद दूसरे सदस्य में भी इसके लक्षण सामने आने की शिकायतें मिल रही हैं।उमस, धूप, बादल और बूंदाबांदी के बीच तापमान में उतार-चढ़ाव को संक्रमण बढ़ने की मुख्य वजह माना जा रहा है।
वायरल के साथ-साथ पेट संबंधी मरीज भी बढ़े हैं; ओपीडी में करीब 10 प्रतिशत मरीज पेट दर्द, उल्टी और दस्त की शिकायत लेकर आ रहे हैं, जिसका संभावित कारण दूषित पानी और असंतुलित खान-पान है।चिकित्सकों की सलाह:निजी चिकित्सक
मनीष जोशी के अनुसार इन्फ्लूएंजा वायरस में बदलाव होते रहते हैं और वर्तमान में फ्लू के मरीज सामने आ रहे हैं।भीड़भाड़ वाली जगहों पर मास्क लगाने, हाथों की स्वच्छता रखने, पर्याप्त पानी पीने, संक्रमित व्यक्ति से दूरी बनाए रखने और अचानक तापमान परिवर्तन से बचने की सलाह दी गई है।