सेवानिवृत्ति से पहले शिक्षा के प्रहरी की मिसाल: 1000 से अधिक बच्चों को कराया सामूहिक भोज
“सेवा ही सबसे बड़ा सम्मान” — पीईईओ सत्यनारायण सुथार का प्रेरणादायी विदाई उपहार
शाहपुरा-राजेन्द्र खटीक। फूलियाकलां-फूलियाकलां उपखंड केधनोप में सेवानिवृत्ति अक्सर एक अध्याय के अंत का प्रतीक होती है, लेकिन राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय धनोप के संस्था प्रधान एवं पीईईओ सत्यनारायण सुथार ने इसे सेवा और संवेदनशीलता के एक नए उदाहरण में बदल दिया।
अपने कार्यकाल के अंतिम दिनों में उन्होंने जो पहल की, वह न केवल प्रेरणादायी है, बल्कि शिक्षा जगत के लिए एक मिसाल भी बन गई है।
मंगलवार को सुथार ने धनोप पंचायत क्षेत्र के राजकीय बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय और राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय सहित करीब 500 विद्यार्थियों एवं समस्त स्टाफ के लिए सामूहिक भोजन का आयोजन किया।
इसके साथ ही ईटडिया पंचायत क्षेत्र के विद्यालयों में भी लगभग 500 विद्यार्थियों और स्टाफ के लिए भोजन की व्यवस्था करवाई गई। इस तरह 1000 से अधिक लोगों ने इस स्नेह भरे आयोजन में सहभागिता की।अपने कार्यकाल के दौरान सुथार ने न केवल प्रशासनिक जिम्मेदारियों को बखूबी निभाया, बल्कि नियमित निरीक्षण, अनुशासन और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पर विशेष ध्यान दिया।
संसाधनों और व्याख्याताओं की कमी जैसी चुनौतियों के बावजूद उनके नेतृत्व में विद्यालयों का 10वीं और 12वीं कक्षा का परीक्षा परिणाम शत-प्रतिशत रहा, जो उनकी कार्यकुशलता और समर्पण का प्रमाण है।सुथार 30 अप्रैल को सेवानिवृत्त हो रहे हैं।
विदाई से पहले विद्यार्थियों और स्टाफ के साथ इस तरह का आत्मीय जुड़ाव दर्शाता है कि उनके लिए शिक्षा केवल एक नौकरी नहीं, बल्कि एक मिशन रही है।
इस अनूठी पहल पर विद्यालय परिवार, विद्यार्थियों और ग्रामीणों ने भावुक होकर उनका आभार व्यक्त किया और उनके स्वस्थ एवं उज्ज्वल भविष्य की कामना की।




