, , ,

रैतिया पैलेस में डॉ.कैलाश मण्डेला का भव्य स्वागत, राजपरिवार ने मण्डेला के नाम पर प्रतिवर्ष एक नवोदित प्रतिभा को पुरस्कृत करने की घोषणा

कीआर्य समाज द्वारा किया गया अभिनंदन सार्वजनिक पुस्तकालय एवं ऐतिहासिक धरोहरों का संरक्षण होना चाहिए – डॉ.मण्डेला शाहपुरा-राजेन्द्र खटीक। शाहपुरा-राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर साहित्य के क्षेत्र में अपनी विशिष्ट पहचान बना चुके केन्द्रीय साहित्य अकादमी से पुरस्कृत प्रतिष्ठित साहित्यकार डॉ.कैलाश मण्डेला की शिक्षा विभाग एवं साहित्य के क्षेत्र में की गई सुदीर्घ सेवाओं के…

2 minutes

Read Time

कीआर्य समाज द्वारा किया गया अभिनंदन सार्वजनिक पुस्तकालय एवं ऐतिहासिक धरोहरों का संरक्षण होना चाहिए – डॉ.मण्डेला

शाहपुरा-राजेन्द्र खटीक। शाहपुरा-राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर साहित्य के क्षेत्र में अपनी विशिष्ट पहचान बना चुके केन्द्रीय साहित्य अकादमी से पुरस्कृत प्रतिष्ठित साहित्यकार डॉ.कैलाश मण्डेला की शिक्षा विभाग एवं साहित्य के क्षेत्र में की गई सुदीर्घ सेवाओं के लिए गणमान्य नागरिकों एवं राजपरिवार द्वारा ऐतिहासिक रैतिया पैलेस में भव्य स्वागत एवं सहभोज का आयोजन किया गया।

आजादी के बाद यह पहला अवसर था जब किसी आम व्यक्ति का रैतिया पैलेस के विशिष्ट हॉल में इस प्रकार से अभिनंदन किया गया। इस अवसर पर राजपरिवार के वर्तमान प्रतिनिधि राजाधिराज जयसिंह ने कैलाश मण्डेला को शाहपुरा का कोहेनूर बताते हुए उनके साहित्यिक योगदान को रेखांकित किया और प्रतिवर्ष किसी एक नवोदित प्रतिभा को डॉ.मण्डेला के नाम पर ट्राफी एवं नगद राशि सहित पुरस्कृत करने की घोषणा की इससे क्षेत्र की प्रतिभाओं को संबलन मिलेगा।

श्री मण्डेला के कृतित्व पर शोध की आवश्यकता को भी रेखांकित किया। कार्यक्रम का संचालन करते हुए प्रसिद्ध हास्य कवि दिनेश बंटी ने मण्डेला के व्यक्तित्व एवं कृतित्व के बहुआयामी पक्षों को प्रस्तुत किया। आर्य समाज के प्रतिनिधि हीरालाल आर्य, सुनील बेली, गोपाल राजगुरु ने सत्यार्थ प्रकाश की प्रति भेंट कर स्वागत किया।

अभिनंदन समारोह में तैराकी संघ के संरक्षक नरेश बूलिया, वरिष्ठ नागरिक संघ के राजेंद्र बोहरा ललजी, सेवानिवृत्त प्रधानाचार्य डॉ. हरमल रेबारी, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रांतीय प्रतिनिधि डॉ.सत्यनारायण कुमावत, अभिभाषक दुर्गा लाल राजोरा, रैतिया पैलेस के एसओडी ओम प्रकाश सेन सहित अनेक वक्ताओं ने अपने उद्बोधन में श्री मण्डेला की कला साहित्य के संवर्धन हेतु की गई निष्णात एवं सकारात्मक सेवाओं के लिए प्रशंसा की।

साहित्य सृजन कला संगम के अध्यक्ष जयदेव जोशी ने कवि मण्डेला के प्रति अपने भावों की काव्यमय प्रस्तुति से सभी को रोमांचित कर दिया। अपने काव्यमय भावपूर्ण उद्बोधन में कवि मण्डेला ने अपनी एवं अपने परिवार की परंपरा और योगदान को रेखांकित करते हुए राजपरिवार एवं शाहपुरा के प्रबुद्ध जनों से शाहपुरा के विलुप्त हो रहे सांस्कृतिक वैभव तथा ऐतिहासिक धरोहरों को सुरक्षित एवं संरक्षित करने की मांग की।

श्री उम्मेद सार्वजनिक पुस्तकालय में उपेक्षित पड़ी बहुमूल्य पुस्तकों को सुरक्षित कर सार्वजनिक पुस्तकालय को आम जन के लिए पुनः प्रारंभ करने की आवश्यकता बताई। इतिहास हमारा अतीत है जिसे पढ़ना और जानना नई पीढ़ी के लिए बहुत जरूरी है।

अपनी विभिन्न पुस्तकों की चुनिंदा कविताओं तथा ओजस्वी गीतों से समारोह को अत्यंत गरिमामय बना दिया। इस अवसर पर उन्होंने स्वयं तथा लोककवि मोहन मण्डेला जी का साहित्य भी राजाधिराज जयसिंह को भेंट किया।

देर शाम तक चले इस आयोजन में समाजसेवी रामस्वरूप काबरा, सेवानिवृत्त कोषाधिकारी प्रियकांत शर्मा, अखिल व्यास, कवि शिव प्रकाश जोशी, राधाकृष्ण धाबाई, एस्ट्रोलोजर पं. सुनील भट्ट, सत्यव्रत वैष्णव तथा अनेक गणमान्य नागरिकों सहित राजपरिवार के सदस्यों ने अपनी उपस्थिति दी।

About The Author

Latest News

View All

About the Author

Easy WordPress Websites Builder: Versatile Demos for Blogs, News, eCommerce and More – One-Click Import, No Coding! 1000+ Ready-made Templates for Stunning Newspaper, Magazine, Blog, and Publishing Websites.

BlockSpare — News, Magazine and Blog Addons for (Gutenberg) Block Editor

You May Have Missed