Category: लेख
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एक सौ के नेपाली नोट पर भारतीय क्षेत्र क्यों
अंधेर नगरी / प्रदीप कुमार नायक स्वतंत्र लेखक एवं पत्रकार ! भारत के सबसे करीबी मित्र देश नेपाल ने एक बार फिर भारत को परेशान करने वाली हरकत की हैं l उसने नेपाल राष्ट्र बैंक की ओर से जारी अपने एक सौ रूपये के नए नोट पर भारतीय क्षेत्र कालापानी, लिपुलेख और लिम्पियाधुरा को अपना…
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“मृत्यु-भोज बन्द हो” कुरीतियों, पाखंड, अंधविश्वास के इस कुचक्र को तोड़न में असर्मथ क्यों?
प्रदीप कुमार नायक स्वतंत्र लेखक एवं पत्रकार जब किसी व्यक्ति की मृत्यु हो जाती है तो उसकी आत्मा की शान्ति और सद्गति के लिये शास्त्रों में कुछ पुण्य कार्य करने का विधान है। जब शरीर शान्त हो जाय तो उसे अंत्येष्टि संस्कार विधि के अनुसार वेद मंत्रों के साथ घी तथा सुगन्धित द्रव्यों की आहुतियां…
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शिकायतों को छोड़ें और उम्मीदों को गले लगाएँ, आओ जीवन का सफर करते हैं!
लेखक – बंटी गर्ग, पत्रकार जीवन एक निरंतर चलने वाली यात्रा है। यह न तो केवल मंज़िल तक पहुँचने का नाम है, और न ही केवल संघर्षों की कहानी। असल में, जीवन का असली अर्थ उस सफर में छिपा है, जो हमें हर दिन कुछ नया सिखाता है।हम अक्सर अपने लक्ष्यों को पाने की दौड़…
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पचोर। सुबह से शाम हो गई नहीं हुई भावांतर की नीलामी, सर्वे डाउन
सुबह से शाम हो गई नीलामी नहीं हो रही, मंडी सेक्रेटरी श्री भिलाला का कहना है सर्वें डाउन है। अंधेर नगरी, वेब पोर्टल किसानों का कहना है पंजीयन हो गया नीलामी हो गई लेकिन हमारा माल नहीं तोल रहे,कहना है। किसानों का की हमें भावांतर में माल नहीं देना है आप तो डाइरेक्ट हमारा माल…
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सूर्योपासना का महान पर्व छठ पूजा, बिहार मे बड़े धुम धाम से मनाया जाता
प्रदीप कुमार नायक छठ पर्व, छइठ या षष्ठी पूजा कार्तिक शुक्ल पक्ष के षष्ठी को मनाया जाने वाला एक हिन्दू पर्व है। सूर्योपासना का यह अनुपम लोकपर्व मुख्य रूप से बिहार, झारखण्ड, पश्चिम बंगाल, पूर्वी उत्तर प्रदेश और नेपाल के तराई क्षेत्रों में मनाया जाता है। कहा जाता है यह पर्व मैथिल, मगध और भोजपुरी…
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क्यों मनाते हैं भाई दूज, क्या है त्यौहारों का महत्व ?
अंधेर नगरी, वेब पोर्टल पचोर/भाई-बहन के प्रेम का प्रतीक भैया दूज दिवाली का पांचवां त्योहार जो ऋग्वेद से निकला है, आज पचोर नगर में भाई बहन का प्रतिक भाई दूज का त्यौहार नगर में धूमधाम से मनाया गया । भाई दूज, जिसे यम द्वितीया भी कहा जाता है, दीपावली के पांचवें और अंतिम दिन मनाया…
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पत्रकारिता पर बुरी नजर: क्या सत्ता को रास नहीं आ रहे सच्चे पत्रकार?
लेखक संजय सोलंकी मध्यप्रदेश। भारतीय लोकतंत्र की नींव में पत्रकारिता एक मजबूत स्तंभ है, जो सत्ता की जवाबदेही सुनिश्चित करती है और जनता की आवाज बनती है। लेकिन हाल के वर्षों में, विशेष रूप से 2025 में, पत्रकारिता पर खतरे बढ़ते जा रहे हैं। विश्व प्रेस स्वतंत्रता सूचकांक 2025 के अनुसार, भारत में पत्रकारों पर…
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धोखेबाज नेताओं को कब मिलेगा सजा ?
प्रदीप कुमार नायक स्वतंत्र लेखक एवं पत्रकार यदि मतदाता सक्रिय हो तो चुनाव में वह नेताओं को उनकी सीमा बता सकता हैं!उनको उनकी हस्ती, हैसियत और हकीकत का आभास मतदाता ही करा सकता हैं!आसमान में उड़ते नेताओं के पैर वहीं कतर सकता हैं! हम लोग जनप्रतिनिधियों को वोट देकर चुनते हैं!हमें उन्हें चुनने का अधिकार…
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आखिर मृत्यु क्यों आवश्यक है मनुष्य एक-दूसरे पर हावी हो जाते। कैसे? इस कहानी से जानिए ।
प्रदीप कुमार नायक स्वतंत्र लेखक एवं पत्रकार हर कोई मृत्यु से डरता है, लेकिन जन्म और मृत्यु सृष्टि के नियम हैं। यह ब्रह्मांड के संतुलन के लिए आवश्यक है। इसके बिना, मनुष्य एक-दूसरे पर हावी हो जाते। कैसे? इस कहानी से जानिए । एक बार, एक राजा एक संत के पास गया, जो राज्य के…
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RSS नागपुर में एक छोटे समूह से बढ़कर अब पूरे भारत और वैश्विक स्तर पर सक्रिय- जाने हिस्ट्री
आर एस एस की हिन्दुत्त्व के सौ साल प्रदीप कुमार नायक स्वतंत्र लेखक एवं पत्रकार राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के सौ वर्ष पूर्ण हो गए l समाज में व्याप्त होकर संघ समाज में संस्कार और देश भक्ति का संचार अनंत काल तक करते हुए देश के लिए समर्पित रहेगा l राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ अपनी…
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