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की-पेट फोन यूजर्स भी कर रहे इंटरनेट बैलेंस का भुगतान क्यों ?

टेलीकॉम कंपनी क्या नहीं कर रही आम जनता से बड़ी लूट? नमस्कार। अंधेर नगरी। मोबाइल फोन उपयोग करने वाले सभी उपभोक्ताओं आपको पता होगा कि आज के समय में भारत में 80 प्रतिशत लोग मोबाइल फोन का उपयोग कर रहे हैं लेकिन इसमें भी 20 प्रतिशत लोग केवल किपेट मोबाइल फोन उपयोग कर रहे हैं।…

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टेलीकॉम कंपनी क्या नहीं कर रही आम जनता से बड़ी लूट?

नमस्कार। अंधेर नगरी। मोबाइल फोन उपयोग करने वाले सभी उपभोक्ताओं आपको पता होगा कि आज के समय में भारत में 80 प्रतिशत लोग मोबाइल फोन का उपयोग कर रहे हैं लेकिन इसमें भी 20 प्रतिशत लोग केवल किपेट मोबाइल फोन उपयोग कर रहे हैं।

बड़ी बात यहां है भारत में सभी टेलीकॉम कंपनियों ने बिना इंटरनेट का कोई रिचार्ज प्लान नहीं दे रहें हैं जो पहले हुआ करता था। यदि पहले भी बिना इंटरनेट के कालींग रिचार्ज होता था और बात होती थी तो आज क्यों नहीं?

हालांकि आज के समय में इंटरनेट हमारी बेसिक जरुरत बन गई है लेकिन क्या हम जितना इंटरनेट यूज़ करते हैं उतना ही भुगतान कर रहे हैं या कई अधिक। आज के इस दौर में कोई भी उपयोग से ज्यादा पैसा नहीं देता चाहे वहां कोई भी क्षेत्र हो लेकिन मोबाइल रिचार्ज में हम फिर भी पैसा दे रहें हैं जिसका उपभोक्ता उपयोग ही नहीं कर रहा है।

अंधेर नगरी की यहां खबर वाकई अंधेरे में है और हम सब भी।आखिर ऐसा क्या कारण है कि बिना इंटरनेट उपयोग नहीं करने पर भी हमें पैसा देना पड़ रहा है। सरकार और उपभोक्ता फोरम को भी इस विषय में सोचना चाहिए।

टेलीकॉम कंपनी आपके हक़ का पैसा ऐसे लूट रही है और आप स्वयं भी लुटा रहे हैं क्योंकि इसका कोई इलाज नहीं हो रहा है। आपको बता दें कि मोटे आंकड़े के अनुसार लगभग भारत में 20 प्रतिशत लोग की-पेट मोबाइल फोन उपयोग करते हैं जो केवल बात करने के लिए उपयुक्त है न कि इंटरनेट के लिए फिर भी मजबूरन कम से कम 299 रू रिचार्ज करना ही पड़ता है।

इसमें उनका रिचार्ज तो हो जाता है और बात भी, लेकिन उस इंटरनेट का क्या जिसका वहां भुगतान किया है। अर्थात टेलीकॉम कंपनी इससे सरकार और जनता दोनों को चुना लगा रही है।

जिस वस्तु का उपयोग ही नहीं किया उसका भुगतान क्यों?सरकार और सुचना प्रोद्योगिकी प्रसारण मंत्रालय को यहां कदम उठाना चाहिए कि जो उपयोगकर्ता जितना इंटरनेट यूज़ करता है उससे उतनी राशि ली जाना चाहिए और जिनके पास स्मार्टफोन फोन नहीं है उनके लिए केवल कालींग रिचार्ज की सुविधा उपलब्ध कराएं जो पहले थी।

भारत की जनसंख्या लगभग 1.4 अरब है, और यदि 900 मिलियन लोग इंटरनेट का उपयोग करते हैं, तो हम अनुमान लगा सकते हैं कि लगभग 500 मिलियन लोग इंटरनेट का उपयोग नहीं करते हैं।

यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि इंटरनेट उपयोग न करने के कई कारण हो सकते हैं, जैसे कि –

भारत में कई रिचार्ज विकल्प उपलब्ध हैं, लेकिन अधिकांश ऑनलाइन रिचार्ज प्लेटफ़ॉर्म इंटरनेट कनेक्शन की आवश्यकता होती है। वर्तमान में, कोई प्रमुख कालींग रिचार्ज विकल्प नहीं है जो बिना इंटरनेट के काम करता हो।

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