लोकमाता देवी अहिल्याबाई होलकर की 301वीं जन्म जयंती पर भव्य समारोह,
शाहपुरा (भीलवाड़ा)-राजेन्द्र खटीक।
जयपुर, राजस्थान-पुण्यश्लोक लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर की 301वीं जन्म जयंती के उपलक्ष में जयपुर में विमुक्त घूमन्तु एवं अर्ध घूमन्तु जन जाति महासंघ राजस्थान द्वारा भव्य समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में राजस्थान के मुख्यमंत्री भजन लाल शामिल हुए।

विशिष्ट अतिथि के रूप में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौर, गृह राज्य मंत्री जवाहर सिंह बैठम उपस्थित रहे एवं अध्यक्षता होल्कर राजवंशज उदय राजे होल्कर ने की।
समारोह का संयोजन विमुक्त घुमंतू एवं अर्थघुमंतू जन जाति महासंघ प्रदेश अध्यक्ष श्री दुष्यंत बघेल ने किया। कार्यक्रम में विमुक्त घुमंतू एवं अर्धघुमंतू जनजाति महासंघ राजस्थान के युवा प्रदेश अध्यक्ष नुकुल कुमार गायरी, पूर्व मंत्री जगमोहन बघेल एवं मंच संचालन हरिओम बघेल द्वारा किया गया।
इस अवसर पर भाजपा जिला अध्यक्ष रतन गाडरी, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष अमरचंद गाडरी, प्रदेश अध्यक्ष नंदलाल गाडरी, महामंत्री भेरू लाल गाडरी कादीसहना, उपाध्यक्ष नारायण गाडरी , प्रदेश उपाध्यक्ष देवी लाल गाडरी, मदन लाल गायरी, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष नाना लाल गाडरी, महासंघ प्रदेश महामंत्री कमलेश गाडरी, महासंघ प्रदेश प्रभारी समरथ गायरी, महिला प्रकोष्ठ प्रदेश अध्यक्ष डॉक्टर शिवा लोहारिया,

जिला अध्यक्ष भीमचंद गाडरी, महासंघ प्रदेश संगठन मंत्री भेरू लाल गाडरी कादीसहना, चित्तौड़गढ़ शिक्षा प्रकोष्ठ जिला अध्यक्ष गोरधन गाडरी , पूरण गाडरी, उदय लाल गाडरी, शिवरायण गाडरी, गोपाल गाडरी राजू गाडरी सहित समाज के अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के दौरान महासंघ युवा प्रदेश नकुल कुमार गायरी महासंघ संगठन मंत्री भेरू लाल गाडरी कादीसहना ने धनगर गायरी गाडरी गड़रिया समाज को घूमन्तु एवं अर्ध घूमन्तु मे जोड़ने एवं राजधानी जयपुर मे समाज के छात्रावास के लिए मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा से मांग रखी।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने धनगर गाडरी समाज के लिए जयपुर में छात्रावास (हॉस्टल) खोलने की घोषणा की। इस महत्वपूर्ण घोषणा से समाज में हर्ष की लहर है। समाज के सभी लोगों ने मुख्यमंत्री का हार्दिक आभार व्यक्त करते हुए इसे समाज के विकास की दिशा में बड़ा कदम बताया।
गाडरी समाज के लिए छात्रावास की घोषणा के बाद गाडरी समाज मे खुशी की लहर दौड़ गयी और पूरा बिरला ऑडिटोरियम राजस्थान का एक ही लाल भजन भजन लाल के नारों से गूंज उठा।















