शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय दतिया में शैक्षणिक सत्र 2026-27 के नवागंतुक विद्यार्थियों के स्वागत में दीक्षारंभ कार्यक्रम आयोजित किया गया।
इस अवसर पर नवागंतुक विद्यार्थियों को महाविद्यालय परिवार का सदस्य बनाने के लिए प्राचार्य डॉ जय श्री त्रिवेदी जी द्वारा हार्दिक शुभकामनाएं दी गई। कार्यक्रम में भौतिक विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ सुभाष चंद्र कौशिक ने भी विद्यार्थियों को शिक्षा के क्षेत्र में किये जा रहे नवाचारों से जुड़ने और अवसर का लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया।
इतिहास विभाग से डॉ दुष्यंत यादव ने विद्यार्थियों को तनाव प्रबंधन के लिए योग और खेल से जुड़ने के लिए प्रेरित किया। इस अवसर पर वनस्पति विभाग से डॉ सुधीर पाण्डेय ने विद्यार्थियों से सामाजिक गतिविधियों से जुड़ने का आग्रह किया। इस अवसर पर महाविद्यालय के विभिन्न विभागों एवं प्रकोष्ठों से विद्यार्थियों को परिचित कराया गया।
विद्यार्थियों को डॉ राजेश माहौर ने विवेकानंद प्रकोष्ठ की करियर मार्गदर्शन की गतिविधियों के बारे में बताया। डॉ पुनीत पाण्डेय ने विद्यार्थियों कोभारतीय ज्ञान परंपरा और राष्ट्रीय शिक्षा नीति के प्रावधानों के बारे में बताया। राष्ट्रीय कैडेट कोर के बारे में डॉ नाजिश शेख में जानकारी दी ।
इस अवसार पर डॉ दीपिका दीक्षित ने राष्ट्रीय सेवा योजना की गतिविधियों से जुड़ने के लिए विद्यार्थियों को प्रेरित किया। डॉ डी पी अहिरवार महाविद्यालय में संचालित इग्नू के कोर्सेज तथा डॉअरविंद यादव भोज के पाठ्यक्रम संबंधी जानकारी दी। युवा संसद और योग से जुड़ी गतिविधियों की जानकारी रसायन विभाग के डॉ के एस दादोरिया द्वारा दी गई।
इको क्लब से जुड़ी जानकारी डॉ चारू सिंह द्वारा दी गई। डॉ कौशिक ने विद्यार्थियों को नेपटल द्वारा संचालित स्वयं पाठ्यक्रमों का लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया। डॉ सीमा सिंह ने विद्यार्थियों को अध्ययन के साथ साथ खेल गतिविधियां से भी जुड़ने का आग्रह किया, जिससे उनके व्यक्तित्व का संतुलित विकाश हो सके।
डॉ के के कुशवाहा और डॉ रोहित तिवारी द्वारा कंप्यूटर लैब की सुविधा के बारे में बताया। हिंदी विभाग से डॉ प्रतिभा पाण्डेय ने विद्यार्थियों को रचनात्मक लेखन और अभिव्यक्ति को निखारने के लिए प्रेरित किया। इसके साथ साथ दीक्षारंभ कार्यक्रम को अंग्रेजी, संस्कृत, इतिहास, गणित, वनस्पति, भूगोल, वाणिज्य आदि के विभागाध्यक्षों और प्राध्यापकों ने भी संबोधित किया।
विद्यार्थियों को महाविद्यालय के पारिवारिक वातावरण में का लाभ उठाने और सहयोगात्मक तथा रचनात्मक भावनाओं से जुड़ने और अपने भविष्य को आकर देने के लिए के लिए प्रेरित किया।
इस अवसर पर महाविद्यालय का समस्त शैक्षणिक स्टाफ उपस्थित था तथा बड़ी संख्या में वछात्र छात्राएं उपस्थित रहे।















