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दोहरीकरण- पचोर नगर परिषद हरे भरे वृक्षों को उजाड़ रही है बोला जा रहा है की शिफ्ट कर रहें है?

हरे भरे वृक्ष के स्थान परिवर्तन करना कौन सी मानवीयता। अंधेर नगरी वेब पोर्टल पचोर/राजगढ़ पचोर/ वृक्ष का भारतीय और मूल रूप से सनातन संस्कृति मे महत्त्वपूर्ण स्थान है। सदियों से वृक्ष मनुष्यों को प्राणवायु ऑक्सीजन प्रदान करते आए है और वृक्षों में पीपल के तो क्या कहने, करोनाकाल का भयावह दृश्य हम सभी ने…

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हरे भरे वृक्ष के स्थान परिवर्तन करना कौन सी मानवीयता।

अंधेर नगरी वेब पोर्टल पचोर/राजगढ़ पचोर/

वृक्ष का भारतीय और मूल रूप से सनातन संस्कृति मे महत्त्वपूर्ण स्थान है। सदियों से वृक्ष मनुष्यों को प्राणवायु ऑक्सीजन प्रदान करते आए है

और वृक्षों में पीपल के तो क्या कहने, करोनाकाल का भयावह दृश्य हम सभी ने बहुत नजदीक से देखा है कैसे ऑक्सीजन की कमी से हमने अपने करीबी साथियों को खोया है में (भूपेंद्र ठाकुर) नगर परिषद पचोर द्वारा शहर के 52 लगभग 100 वर्ष पुराने हरे भरे पेड़ो की स्थानांतरण के नाम पर कटाई दयनीय और दुःखद है।

प्रकृति पर केवल मनुष्य का ही अधिकार नहीं है। यहाँ पशु-पक्षी, वनस्पति, वृक्ष,लता सभी सामूहिक रूप से चिरातनकाल से ही यहाँ जीवन व्यापन करते आए है ऐसे में स्थानांतरण के नाम पर हजारों पक्षियों के घर उजाड़ देना कौनसा विकास है।

हमारी माताऐ बहने जिन वृक्षों की पूजा करती है जिस पीपल मे समस्त देवी देवताओं का वास है, उन पीपल देवताओ को अपने पुराने आशिया ने से दूसरी जगह शिफ्ट करना अव्यवहारिक है।

जहाँ भाजपा सरकार और संगठन अपने कार्यक्रमों मे एक पेड़ माँ के नाम का सन्देश दे रहें है। वहीं उसी दल द्वारा शासित नगर परिषद हरे भरे वृक्षों को उजाड़ रही है। बोला जा रहा है की शिफ्ट कर रहें है।

हमारी पीढ़ियों ने जिस स्थान पर पीपल या अन्य वृक्ष लगाए थे कुछ सोचकर लगाए होंगे। हम विकास के नाम पर पूर्वजों की सम्पदा तबाह कर रहें है। जो की बहुत दुःखद है पेड़ जहाँ लगते है उसकी प्राणवायु उसी स्थान को शुद्ध रखती है।

गर्मियों मे धूप से वातावरण को बचाकर ठंडा रखती है। गौ माता, जीव, जन्तु, पक्षी जो मानव समुदाय के बीच रहते आए है। उनके लिए अपने समुदाय अपने स्थान अपने घर से बिछोह कितना भयानक होगा विचार किया जा सकता है।

हम इस तरह से प्रकृति को हानी पहुंचाने की निंदा करते है और शासन प्रशासन से आग्रह करते है, इन मूक पक्षियों का, वृक्षों का, जीव जन्तुओ का, दर्द महसूस करें।

वो कमजोर मानव जो सत्ता की तानाशाही के विरुद्ध बोल नहीं पा रहा है उसकी मोन आवाज़ को सुने।हे ईश्वर आपके नाम पर राजनीती करने वाली इस पार्टी को सद्बुद्धि दे जो आपके ही प्रतिक आपकी मूर्ति पीपल नीम के बड़े-बड़े वृक्ष उजाड़ रहें है। इन्हें जन समुदाय के बीच रहने दे। जाने क्यों परिषद इन्हें काटने पर आमदा है ।

पूर्व में भी नगर परिषद द्वारा नगर के विभिन्न स्थानों पर 11000 पौधे रोपे गए थे जिसमें में से यदाकदा ही नजर आ रहे है जो नजर आ रहे है। वो अब तक कितने बड़े हुए है वो आप सब भी देख सकते है।

रही बात ट्रैफिक की तो इसकी जिम्मेदारी हमारी स्वयं की है । परिषद में मात्र वरिष्ठ कांग्रेस नेता सुधीर जी गुप्ता द्वारा ही इस निंदनीय कार्य का विरोध किया बाकी ने नहीं । अपनी सुगम सुविधाओं के लिए आपदाओं को आमंत्रण देना ठीक नहीं । मैने अपनी जिम्मेदारी उठाई अब आपकी बारी आपका – भूपेंद्र सिंह ठाकुर ।

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