दुर्घटना मृत्यु को सामान्य मृत्यु दर्ज करना सचिव को पड़ा भारी, नोटिस जारी
शाजापुर | ग्राम पंचायत जसवाड़ा के सचिव ओमप्रकाश पाटीदार को कार्य में लापरवाही के मामले में जिला पंचायत सीईओ मनीषा वास्कले ने कारण बताओ सूचना पत्र जारी किया है।
दरअसल पंचायत सचिव द्वारा मृतक की समग्र आईडी एसपीआर पोर्टल पर दुर्घटना मृत्यु के स्थान पर सामान्य मृत्यु दर्ज कर दी गई। गलत जानकारी दर्ज होने के कारण मृतक के परिवार को हितग्राहीमूलक योजना के तहत मिलने वाली अनुग्रह सहायता राशि के लाभ से वंचित होना पड़ा।
शाजापुर:जिले में शासकीय योजनाओं के क्रियान्वयन में बरती जा रही लापरवाही का एक गंभीर मामला सामने आया है। ग्राम पंचायत जसवाड़ा के सचिव ओमप्रकाश पाटीदार की बड़ी चूक के कारण एक मृतक का परिवार अनुग्रह सहायता राशि के लाभ से वंचित हो गया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी (CEO) मनीषा वास्कले ने पंचायत सचिव को कारण बताओ सूचना पत्र जारी किया है।
क्या है पूरा मामला?सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार, ग्राम पंचायत जसवाड़ा में एक व्यक्ति की मृत्यु दुर्घटना में हुई थी। नियमानुसार मृतक के परिजनों को शासन की हितग्राहीमूलक योजना के तहत अनुग्रह सहायता राशि मिलनी चाहिए थी।प्रक्रिया के तहत जब इस मामले को आगे बढ़ाया जाना था, तब पंचायत सचिव ओमप्रकाश पाटीदार द्वारा एसपीआर (SPR) पोर्टल पर मृतक की
जानकारी अपडेट की गई। लेकिन लापरवाही की हद यह रही कि सचिव ने पोर्टल पर दुर्घटना मृत्यु (Accidental Death) के स्थान पर सामान्य मृत्यु (Normal Death) दर्ज कर दी।सहायता राशि के लाभ से अटका परिवारपोर्टल पर गलत डेटा फीड होने के कारण प्रशासनिक स्तर पर मृतक के परिवार को दुर्घटना मृत्यु के एवज में मिलने वाली सहायता राशि का लाभ मिलने में तकनीकी बाधा उत्पन्न हो
गई। नतीजतन, प्रशासनिक त्रुटि का खामियाजा पीड़ित परिवार को भुगतना पड़ा और वे समय पर मिलने वाली आर्थिक मदद से वंचित रह गए।सीईओ की सख्त कार्रवाईजब यह मामला जिला पंचायत के संज्ञान में आया, तो जिला पंचायत सीईओ मनीषा वास्कले ने इसे शासकीय दायित्वों के प्रति गंभीर लापरवाही और उच्चाधिकारियों के निर्देशों की अवहेलना माना।
सीईओ ने तत्काल प्रभाव से सचिव ओमप्रकाश पाटीदार को कारण बताओ नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है।प्रशासनिक गलियारों में इस बात की चर्चा है कि इस प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और जल्द ही संतोषजनक जवाब न मिलने पर सचिव के खिलाफ कड़ी विभागीय कार्रवाई की जा सकती है।