किसानो को राहत: अन्य जिलों को भी मिले इसका लाभ, रोजड़ो से मिले निजात?

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आज 69 और अब तक 148 कृष्णमृगों को किसानो के खेतों से पकड़ा गया——

मुख्यमंत्री डॉ. Dr Mohan Yadav के निर्देशों के पालन में पश्चिमी मध्य प्रदेश के राजस्व क्षेत्र में कृष्ण मृग एवं रोजडों के खेतों को नुकसान पहुंचाने की समस्या के निदान के लिए दक्षिण अफ्रीका की कंजर्वेशन सॉल्यूशंस की टीम एवं वन विभाग की टीम द्वारा हेलीकॉप्टर और बोमा से कृष्णमृगों को पकड़ने का अभियान शुरु किया गया हैं।

वनमंडलाधिकारी देवास एवं अभियान प्रभारी श्री वीरेन्द्र सिंह पटेल ने बताया कि आज शाजापुर जिले के कालापीपल तहसील के लसूड़िया घाघ एवं निपनिया खुर्द में बोमा लगाया गया।

आज लसूड़िया कला, निपनिया खुर्द, बदरपुर, पोचनेर गाँव से 69 कृष्णमृगोंको किसानो के खेतों से पकड़कर गाँधीसागर वन्यजीव अभयारण्य के जंगल में छोड़ा गया।

इस अभियान के तहत अब तक 148 कृष्णमृगों को पकड़कर अन्यत्र वन क्षेत्र में छोड़ा गया। इससे किसानों को होने वाले फसल नुकसान में कमी आएगी। इस तरह का देश में ये प्रथम अभियान है। यह अभियान अगले 05 नवम्बर तक शाजापुर जिले में चलाया जाएगा।

आज इस अभियान में मुख्य वन संरक्षक उज्जैन श्री एमआर बघेल द्वारा बोमा क्षेत्र में उपस्थित रहकर कृष्णमृगों को पकड़ने की कार्यवाही का निगरानी एवं पर्यवेक्षण किया। आज की कार्यवाही में शाजापुर जिला प्रशासन और पुलिस विभाग ने पूर्ण सहयोग दिया।

इसके साथ ही आसपास के ग्रामवासियो से अपील की गई हैं कि आने वाले दिनों की कार्यवाही के दौरान खेतों में जब हेलीकॉप्टर द्वारा हांका लगाया जा रहा है तो कृष्णमृगों के पीछे ना भागे।

साथ ही साथ ग्रामवासियों से निवेदन है की जब अभियान चल रहा है तो आसपास के रास्तों में गाड़ियों में ना घूमे। आने वाले दिनों में यह अभियान शाजापुर जिले के अन्य विधानसभा क्षेत्रों में चलाया जाएगा। साथ ही साथ नीलगायो को भी पकड़कर अन्य वन क्षेत्रों में छोड़ा जाएगा।

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