शाहपुरा (भीलवाड़ा)-राजेन्द्र खटीक। मथुरा-उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सड़क पर नमाज को लेकर दिए गए बयान का संत समाज ने समर्थन किया है। मुख्यमंत्री ने कहा है कि नमाज पढ़नी है तो शिफ्ट में पढ़िए, लेकिन सड़क पर नमाज नहीं होगी।
उन्होंने कहा कि लोग प्यार से मानेंगे तो ठीक है, नहीं मानेंगे तो सरकार दूसरा तरीका अपनाएगी।श्रीकृष्ण जन्मभूमि मंदिर केस के याचिकाकर्ता दिनेश फलारी महाराज और साध्वी इंदुलेखा ने मुख्यमंत्री के बयान का समर्थन करते हुए कहा कि योगी आदित्यनाथ प्रदेश में शांति और व्यवस्था बनाए रखना जानते हैं।
उन्होंने कहा कि सभी संत समाज मुख्यमंत्री की बात के साथ खड़ा है। संतों का कहना है कि नमाज एक साथ पढ़ना जरूरी नहीं है। इसे अलग-अलग समय और शिफ्टों में भी अदा किया जा सकता है। इससे मस्जिदों में भीड़ कम होगी और पुलिस प्रशासन को ट्रैफिक व्यवस्था संभालने में आसानी मिलेगी।
उनका कहना था कि अल्लाह हर समय मौजूद हैं, इसलिए सुबह, दोपहर या शाम किसी भी समय नमाज अदा की जा सकती है।हिंदूवादी नेता अश्वनी शर्मा ने कहा कि बढ़ती भीड़ को देखते हुए नमाज अलग-अलग शिफ्टों में पढ़ना बेहतर व्यवस्था हो सकती है।
उन्होंने कहा कि सरकार की जिम्मेदारी प्रदेश में शांति और भाईचारा बनाए रखना है। साथ ही उन्होंने कहा कि जो लोग माहौल बिगाड़ने या उपद्रव करने की कोशिश करेंगे, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी।















