अखंड भारत संकल्प दिवस पर 551 दीपों से जगमगाया शाहपुरा
शाहपुरा (भीलवाड़ा)-राजेन्द्र खटीक।
शाहपुरा-अखंड भारत संकल्प दिवस के अवसर पर हिंदू जागरण मंच की ओर से कालिंजरी गेट चौराहा, शाहपुरा में कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में अखंड भारत के मानचित्र पर विधि-विधान से 551 दीप प्रज्वलित किए गए। उपस्थित लोगों ने भारत को पुनः अखंड बनाने तथा राष्ट्र की एकता और अखंडता बनाए रखने का संकल्प लिया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता महंत सीताराम बाबा ने की, जबकि मुख्य वक्ता पूर्व चित्तौड़ प्रांत हिंदू जागरण मंच सह संयोजक सुभाष बाहिती रहे। विशिष्ट अतिथि नगर संघ चालक कन्हैया वर्मा तथा जिला संयोजक हनुमान धाकड़ रहे। मंचासीन अतिथियों ने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया।मुख्य वक्ता सुभाष बाहिती ने भारत के विभाजन के ऐतिहासिक कारणों पर प्रकाश डालते हुए कहा
कि समाज को इतिहास से सीख लेकर राष्ट्र की एकता और अखंडता के लिए कार्य करना चाहिए। उन्होंने उपस्थित लोगों को अखंड भारत के संकल्प के साथ आगे बढ़ने का आह्वान किया। उन्होंने हिंदू जागरण मंच के विभिन्न कार्यों एवं सामाजिक विषयों पर भी विस्तार से जानकारी दी।बाहिती ने कहा कि समाज में जागरूकता बढ़ाने के लिए परिवार के
सदस्यों के साथ बैठकर इन विषयों पर चर्चा करनी चाहिए तथा सनातन धर्म, भारतीय संस्कृति और शास्त्रों के इतिहास को समझना चाहिए। उन्होंने समाज को जातिगत भेदभाव से ऊपर उठकर एकजुट होने का आह्वान किया।कार्यक्रम में हिंदू जागरण मंच के कार्यों के अंतर्गत लव जिहाद,
भूमि जिहाद, अवैध अतिक्रमण, स्वावलंबन तथा अवैध गतिविधियों जैसे विषयों पर भी जानकारी दी गई। वक्ताओं ने सामाजिक जागरूकता और संगठनात्मक एकता को मजबूत करने पर जोर दिया।इस अवसर पर नगर संयोजक जगदीश बोहरा, सह नगर संयोजक अशोक बोहरा, बसंत वैष्णव, मुकेश लोहार, विनोद गंगवाल, टोनू धाकड़, पवन बसेरा, देवेंद्र सिंह, बबलू खाती, बलदेव वैष्णव, प्रियव्रत
सहित मातृशक्ति से सुमित्रा माली, रीना लोहार, तारा चाष्टा सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित रहे।विश्व हिंदू परिषद की ओर से कैलाश धाकड़ एडवोकेट तथा भारतीय जनता पार्टी से पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष कन्हैयालाल धाकड़, नरेश व्यास, राजू बोहरा, पूर्व पंचायत समिति प्रधान बजरंग सिंह राणावत,
एडवोकेट बंटी पाराशर, गोपाल घुसार, राहुल बोहरा, मोहन गुर्जर, नाथूलाल काहर, राजेश काहर, नंदलाल सन्नाडिया सहित विभिन्न सामाजिक एवं धार्मिक संगठनों के कार्यकर्ता मौजूद रहे।