दलित परिवार की भूमि पर कब्जे के आरोप, बलाई महासंघ ने एसपी-कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन
SC/ST एक्ट सहित कड़ी कार्रवाई, भूमि से अतिक्रमण हटाने और पीड़ित परिवार को सुरक्षा देने की मांग
संवाददाता पवन परमार जिला देवास
मध्यप्रदेश देवास। अखिल भारतीय बलाई महासंघ ने प्रदेश अध्यक्ष विजेंद्र सिंह राणा के नेतृत्व में गुरुवार को पुलिस अधीक्षक एवं कलेक्टर देवास को ज्ञापन सौंपकर सोनकच्छ तहसील के ग्राम बुदनगांव में एक दलित परिवार की भूमि पर कथित कब्जा,
जातिसूचक अभद्रता एवं जान से मारने की धमकी के मामले में निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की मांग की।महासंघ के जिलाध्यक्ष प्रदीप मालवीय ने बताया कि ग्राम बुदनगांव निवासी
रामसिंह, शांतिलाल एवं राजेश ने शिकायत में आरोप लगाया है कि उनकी सर्वे क्रमांक 108, 109 एवं 110 की कुल 2.88 हेक्टेयर कृषि भूमि पर लंबे समय से पड़ोसी पक्ष द्वारा कब्जे का प्रयास किया जा रहा है। शिकायत के अनुसार सीमांकन के दौरान राजस्व अधिकारियों ने दोनों पक्षों के नक्शों में त्रुटि बताते हुए पहले नक्शा दुरुस्त कराने की बात कही थी और सीमांकन की कार्रवाई रोक दी थी।
इसके बावजूद आरोप है कि दूसरे पक्ष ने रात के समय ट्रैक्टर से भूमि की जुताई कर उस पर सोयाबीन की फसल बो दी।पीड़ित पक्ष का आरोप है कि विरोध करने पर उनके साथ जातिसूचक शब्दों का प्रयोग कर अपमानित किया गया तथा जान से मारने की धमकी दी गई। शिकायत में यह भी उल्लेख किया गया है कि घटना से मानसिक रूप से आहत होकर एक
फरियादी ने कथित रूप से जहरीले कीटनाशक का सेवन कर लिया था, जिसे समय पर उपचार मिलने से बचा लिया गया।ज्ञापन में आरोप लगाया गया कि शिकायत के बावजूद पुलिस द्वारा समय पर प्रभावी कार्रवाई नहीं किए जाने से आरोपित पक्ष के हौसले बढ़े हैं। पीड़ित परिवार ने स्वयं को असुरक्षित बताते हुए जान-माल की सुरक्षा उपलब्ध कराने, कथित अतिक्रमण हटाने तथा आरोपितों के विरुद्ध
अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम सहित अन्य प्रासंगिक धाराओं में मामला दर्ज कर सख्त कार्रवाई की मांग की है।इस अवसर पर हीरो सोलंकी, मनीष डांगी, रुपेश वर्मा, राजेश नागर, विजय कटेसरिया, गोविन्द मालवीय, कुंदन मालवीय, अजय चौहान, नवीन सोलंकी
, जीतेन्द्र मालवीय, रवि चौधरी, जयकुमार चौहान, अमन मालवीय, गुलाब सिंह नागदिया, डॉ. आत्माराम सेंधालकर, रामप्रसाद झाला, मनोहर साहेब, संदीप सुनेल, रोहित राय चौहान, अनिल देलमिया, सुभाष चौहान (सरपंच), रोशन सोलंकी, कुलदीप गौड़, शांतिलाल बड़ोदिया, राजेश बड़ोदिया, विजय बड़ोदिया, अजय बड़ोदिया, अशोक मालवीय, भगवान सिंह मालवीय, रंजीत नायक, प्रकाश चौहान, रितेश बरोड़िया, धीरज मालवीय, नितिन सोलंकी, महेंद्र सहित बड़ी संख्या में सामाजिक कार्यकर्ता एवं समाजजन उपस्थित रहे।