शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय दतिया में 3 दिवसीय VIA प्रशिक्षण कार्यक्रम सम्पन्न

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दतिया। शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय, दतिया के स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग द्वारा राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) के अंतर्गत कम्युनिटी हेल्थ ऑफिसर्स (CHOs) हेतु 3 दिवसीय VIA (Visual Inspection with Acetic Acid) प्रशिक्षण कार्यक्रम का सफल आयोजन 10 से 12 अगस्त 2026 तक किया गया। कार्यक्रम का आयोजन डीन डॉ. प्रो. दीपक मरावी के मार्गदर्शन एवं अनुमति तथा विभागाध्यक्ष डॉ. प्रो. श्वेता यादव के नेतृत्व में संपन्न हुआ। प्रशिक्षण कार्यक्रम में स्त्री एवं प्रसूति रोग

विभाग की सह प्राध्यापक डॉक्टर अमिता शर्मा एवं सहायक प्राध्यापक डॉ. विधि सिंह के साथ विभाग के सभी संकाय सदस्यों का सक्रिय योगदान रहा।प्रशिक्षण में दतिया, शिवपुरी एवं अशोकनगर जिलों से आए 35 CHOs ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य CHOs को सर्वाइकल कैंसर की प्रारंभिक स्क्रीनिंग, संदिग्ध मामलों की

पहचान, उचित परामर्श एवं समयबद्ध रेफरल हेतु आवश्यक सैद्धांतिक ज्ञान एवं व्यावहारिक कौशल प्रदान करना था।प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्घाटन समारोह 10 अगस्त 2026 को आयोजित किया गया। इस अवसर पर डीन डॉ. प्रो. दीपक मरावी, CMHO डॉ. बी.के. वर्मा, मेडिकल सुपरिंटेंडेंट डॉ.

सचिन सिंह यादव, पीएसएम विभागाध्यक्ष डॉ. प्रदीप शुक्ला, फिजियोलॉजी विभागाध्यक्ष डॉ. विवेक वर्मा, मेडिसिन विभागाध्यक्ष डॉ. प्रवीण टैगोर, डर्मेटोलॉजी विभागाध्यक्ष डॉ. प्रशांत हरित, पीडियाट्रिक्स विभागाध्यक्ष डॉ. राजेश गुप्ता, अस्थि रोग विभागाध्यक्ष डॉ. टी.एन.एस. गौर, माइक्रोबायोलॉजी विभागाध्यक्ष डॉ. अभिषेक मेहता, बायोकेमिस्ट्री विभागाध्यक्ष डॉ. अभिषेक शर्मा एवं मनोरोग

विभागाध्यक्ष डॉ. अमृता चौहान सहित महाविद्यालय के वरिष्ठ संकाय सदस्य उपस्थित रहे।अतिथियों ने कार्यक्रम की सराहना करते हुए सर्वाइकल कैंसर की समय पर स्क्रीनिंग एवं प्रारंभिक पहचान के महत्व पर प्रकाश डाला तथा CHOs को प्रशिक्षण के दौरान प्राप्त ज्ञान एवं कौशल का अपने-अपने कार्यक्षेत्र में प्रभावी उपयोग करने हेतु प्रेरित कियाप्रथम दिवस

सैद्धांतिक प्रशिक्षण:प्रथम दिवस पर सर्वाइकल कैंसर की रोकथाम एवं प्रारंभिक पहचान, VIA की उपयोगिता एवं प्रक्रिया, स्क्रीनिंग प्रोटोकॉल, CHOs की भूमिका तथा मरीजों की काउंसलिंग एवं रेफरल प्रक्रिया से संबंधित विस्तृत सैद्धांतिक जानकारी प्रदान की गई।द्वितीय दिवस पर VIA प्रक्रिया के विभिन्न चरणों का वीडियो प्रदर्शन किया गया। सामान्य एवं संदिग्ध निष्कर्षों की पहचान, संक्रमण नियंत्रण, मरीज की गोपनीयता तथा प्रभावी परामर्श के संबंध में

प्रशिक्षण दिया गया।तृतीय दिवस पर प्रतिभागियों को विशेषज्ञों के मार्गदर्शन में व्यावहारिक (हैंड्स-ऑन) प्रशिक्षण प्रदान किया गया। प्रतिभागियों ने VIA स्क्रीनिंग प्रक्रिया का अभ्यास किया तथा उनके कौशल का मूल्यांकन किया गया। प्रश्नोत्तरी एवं फीडबैक सत्र के माध्यम से प्रशिक्षण की प्रभावशीलता का भी आकलन कियतीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का समापन एवं Valedictory

Ceremony 12 अगस्त 2026 को आयोजित किया गया। इस अवसर पर प्रतिभागियों द्वारा अर्जित ज्ञान एवं व्यावहारिक कौशल की समीक्षा की गई तथा प्रशिक्षण संबंधी फीडबैक प्राप्त किया गया।समापन समारोह में सिविल सर्जन डॉ. के.सी. राठौर ने अपने उद्बोधन में कहा कि उन्हें पूर्ण विश्वास है कि प्रशिक्षित CHOs अपने-अपने कार्यक्षेत्र में इस प्रशिक्षण से

प्राप्त ज्ञान एवं कौशल का प्रभावी उपयोग करते हुए अधिक से अधिक महिलाओं तक लाभ पहुंचाएंगे। उन्होंने कहा कि CHOs मध्य प्रदेश शासन के कैंसर स्क्रीनिंग कार्यक्रम में सक्रिय सहभागिता निभाते हुए सर्वाइकल कैंसर की समयबद्ध स्क्रीनिंग, संदिग्ध मामलों की पहचान एवं उचित रेफरल में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।प्रशिक्षण सफलतापूर्वक पूर्ण करने वाले 35 CHOs को प्रमाण-पत्र डीन डॉ. प्रो. दीपक मरावी द्वारा प्रदान किए गए। डीन ने सभी

प्रतिभागियों को बधाई देते हुए उन्हें अपने कार्यक्षेत्र में अर्जित ज्ञान एवं कौशल का प्रभावी उपयोग करने के लिए प्रेरित किया।इस प्रशिक्षण का उद्देश्य CHOs को अपने-अपने स्वास्थ्य केंद्रों पर सर्वाइकल कैंसर की प्रभावी स्क्रीनिंग हेतु सक्षम बनाना तथा संदिग्ध मामलों की समय पर पहचान एवं उचित स्वास्थ्य संस्थान पर रेफरल सुनिश्चित करना है।

इससे जिले में सर्वाइकल कैंसर की प्रारंभिक पहचान को बढ़ावा मिलेगा तथा इससे होने वाली जटिलताओं एवं मृत्यु दर में कमी लाई जा सकेगी।भविष्य की कार्ययोजनामहाविद्यालय एवं स्वास्थ्य विभाग द्वारा सर्वाइकल कैंसर की रोकथाम एवं प्रारंभिक पहचान को और अधिक सुदृढ़ बनाने हेतु आगामी समय में भी चरणबद्ध रूप से ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इनके माध्यम से अधिक से अधिक

CHOs एवं स्वास्थ्यकर्मियों को प्रशिक्षित कर उन्हें स्क्रीनिंग, संदिग्ध मामलों की पहचान, परामर्श एवं समयबद्ध रेफरल हेतु सक्षम बनाया जाएगा।इस अवसर पर कार्यक्रम के सफल आयोजन में सहयोग प्रदान करने वाले महाविद्यालय के वरिष्ठ संकाय

सदस्यों, प्रशिक्षण टीम, CHOs एवं समस्त सहयोगी स्टाफ के प्रति आभार व्यक्त किया गया। कार्यक्रम का व्यापक उद्देश्य “समय पर स्क्रीनिंग, समय पर पहचान और समय पर उपचार” के माध्यम से महिलाओं के स्वास्थ्य की बेहतर सुरक्षा सुनिश्चित करना है।

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