क्रांतिकारी ठाकुर केसरी सिंह बारहठ की 76 वी पुण्य तिथि मनाई
शाहपुरा (भीलवाड़ा)-राजेन्द्र खटीक।
शाहपुरा- “मैने अपने आप में गंगा का प्रवाह देखा है,जो बहा तो बहता ही गया। यह वाक्य कहने वाले महान क्रांतिकारी ठाकुर केसरी सिंह बारहठ की आज 76 वी पुण्य तिथि त्रिमूर्ति बारहठ स्मारक पर पुष्पांजली अर्पित कर उनके देश हित में किए गए ,अतुलनीय बलिदान को याद किया गया।इस अवसर पर समाधान कोचिंग क्लासेज के बच्चों ने देश भक्ति नारों के जय घोष के साथ तिरंगा रैली निकाल कर बारहठ क्रांति वीरों के प्रति कृतज्ञता प्रकट की।
प्रकाश चंद्र राव ने बारहठ वीरों की बलिदानी गाथाओं पर बारहठ परिवार को राष्ट्रीय पुष्प कहा जिन्होंने भाई पुत्र ओर जमाई तक को बलि वेदी में न्योछावर कर दिया,देश में ऐसा उदाहरण अन्य सुनने में नहीं आता है । कोचिंग क्लास के शिक्षक प्रहलाद चौधरी केसरी सिंह बारहठ के शिक्षा पक्ष पर कहा कि केसरी सिंह
बारहठ क्रांति कारी देश भक्त तो थे ही लेकिन वो बहुत अच्छे कवि थे, तलवार से भी तेज उनकी कलम की धार थी। चेतावनी रा चंगुटिया उनकी प्रसिद्ध रचना थी, वो कई भाषा के जानकार थे। संस्थान सचिव कैलाश सिंह जाड़ावत ने उपस्थित छात्रों को बताया कि, राष्ट्र भक्ति ओर देश का चिंतन को सबसे
पहले रखे, सिर्फ शिक्षा रोजगार युवा का लक्ष्य नहीं हो सकता ,आप ही की तरह युवा प्रताप ने क्रांति पथ पर चना तय किया था जो आगे चलकर काल कोठरी जेल की यातना और देश के लिए मरने तक का अनोखा रास्ता चुना।लेकिन आप देश ओर समाज अपने परिवार के लिए किए।
भारत विकास परिषद के अध्यक्ष पवन बांगड़ ने विवेकानंद का आदर्श मानते हुए, पर्यावरण , संस्कारित युवा शक्ति में राष्ट्र दिखता है।त्रिमूर्ति बारहठ स्मारक पर पर्यावरण प्रभारी थानमल
जीनगर,रामप्रसाद सेन, दिनेश नायक एवं समाधान कोचिंग क्लास के बच्चो ने पुष्पांजली अर्पित कर बारहठ त्रिमूर्ति को नमन किया। सभा के अंत में सभी बच्चों को फल वितरित किए गए।