सुप्रीम कोर्ट के TET संबंधी निर्णय पर ABRSM प्रतिनिधिमंडल

सुप्रीम कोर्ट के TET संबंधी निर्णय पर ABRSM प्रतिनिधिमंडल की केंद्रीय शिक्षा मंत्री से भेंट, समुचित कार्यवाही की मांग शाहपुरा-राजेन्द्र खटीक।शाहपुरा-अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ (ABRSM) के एक प्रतिनिधिमंडल ने भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से भेंट कर शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) से संबंधित माननीय सर्वोच्च न्यायालय के दिनांक…

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सुप्रीम कोर्ट के TET संबंधी निर्णय पर ABRSM प्रतिनिधिमंडल की केंद्रीय शिक्षा मंत्री से भेंट, समुचित कार्यवाही की मांग

शाहपुरा-राजेन्द्र खटीक।शाहपुरा-अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ (ABRSM) के एक प्रतिनिधिमंडल ने भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से भेंट कर शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) से संबंधित माननीय सर्वोच्च न्यायालय के दिनांक 01.09.2025 के निर्णय

(सिविल अपील संख्या 1385/2015) के संदर्भ में एक विस्तृत ज्ञापन प्रस्तुत किया। प्रतिनिधिमंडल ने नियुक्ति तिथि की परवाह किए बिना सभी सेवारत शिक्षकों पर TET अनिवार्य किए जाने पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि यदि इस निर्णय को पूर्वव्यापी रूप से लागू किया गया, तो इससे देशभर के लगभग 12 लाख शिक्षकों की सेवा-सुरक्षा,

वरिष्ठता, पदोन्नति तथा आजीविका पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की आशंका है।प्रतिनिधिमंडल ने शिक्षा मंत्री का ध्यान इस तथ्य की ओर आकृष्ट किया कि राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (NCTE) की दिनांक 23.08.2010 की अधिसूचना में स्पष्ट रूप से यह उल्लेख है कि कक्षा I से VIII तक के शिक्षकों हेतु न्यूनतम योग्यताएँ

अधिसूचना की तिथि से प्रभावी होंगी तथा इससे पूर्व नियुक्त शिक्षकों को TET से छूट रहेगी। महासंघ ने यह भी निवेदन किया कि उस समय प्रचलित वैध शैक्षणिक एवं व्यावसायिक योग्यताओं के अंतर्गत नियुक्त होकर वर्षों से सेवा दे रहे अनुभवी शिक्षकों पर इस निर्णय को पूर्वव्यापी रूप से लागू करना न्यायसंगत नहीं होगा।

शैक्षिक महासंघ ने शिक्षा मंत्री से यह अनुरोध किया कि वे इस विषय में हस्तक्षेप कर निर्णय को केवल भावी रूप से लागू किए जाने, अधिसूचना से पूर्व नियुक्त शिक्षकों की वरिष्ठता, गरिमा एवं वैध अपेक्षाओं की रक्षा किए जाने तथा शिक्षकों को संभावित सेवा-समाप्ति एवं पदोन्नति से वंचित किए जाने से बचाने हेतु आवश्यक विधिक एवं प्रशासनिक कदम उठाए जाने की दिशा में पहल करें।इस अवसर पर महासंघ के प्रतिनिधिमंडल ने

विकसित भारत शिक्षा अधिष्ठान विधेयक का स्वागत करते हुए उसके उद्देश्यों की सराहना की तथा विधेयक को अधिक प्रभावी, समावेशी एवं व्यवहारिक बनाने हेतु कुछ महत्वपूर्ण सुधारात्मक सुझाव भी मंत्री को प्रस्तुत किए। इसके साथ ही उच्च शिक्षा तथा विद्यालय शिक्षा से संबंधित विभिन्न दीर्घकाल से लंबित समस्याओं के समाधान हेतु एक विस्तृत मांग-पत्र भी माननीय मंत्री को सौंपा गया।शिक्षा मंत्री ने शिक्षक पात्रता परीक्षा के संबंध में

संगठन द्वारा प्रस्तुत दस्तावेजों एवं तथ्यों को गंभीरता से समझते हुए राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद के अध्यक्ष एवं संबंधित अधिकारियों को इस विषय में समुचित एवं आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश दिए। साथ ही उन्होंने शिक्षा की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के साथ-साथ शिक्षकों एवं शैक्षणिक संस्थानों से जुड़े विषयों पर संतुलित एवं सकारात्मक दृष्टिकोण से विचार किए जाने का आश्वासन दिया।

इस प्रतिनिधिमंडल में ABRSM के अध्यक्ष प्रो. नारायण लाल गुप्ता, महासचिव प्रो. गीता भट्ट, संगठन मंत्री महेंद्र कपूर, सह संगठन मंत्री लक्ष्मण, वरिष्ठ उपाध्यक्ष महेंद्र कुमार, विद्यालय शिक्षा प्रभारी शिवानंद सिंदनकेरा

, एनआईटी शिक्षक फोरम के संयोजक प्रो. महेंद्र श्रीमाली, ABRSM तेलंगाना इकाई (TPUS) के अध्यक्ष हनुमंत राव तथा महासंघ की तमिलनाडु इकाई देसीय अस्ररियार संगम के महासचिव कंदसामी सम्मिलित थे।

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