बैंक: आरबीआई ने रिकवरी संबंधी नियमों में बदलाव किए हैं;
यदि ऋण चुकाया नहीं जाता है, तो मोबाइल-लैपटॉप को लॉक करने की सुविधा उपलब्ध नहीं होगी।
बैंक: आरबीआई ने रिकवरी संबंधी नियमों में बदलाव किए हैं;
ये नियम 1 जनवरी 2027 से लागू होंगेजो ग्राहक व्यक्तिगत, कार या घर के ऋण का भुगतान नहीं कर रहे हैं, उनके मोबाइल फोन एवं लैपटॉप बैंक द्वारा बंद या अक्षम नहीं किए जा सकते।
रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने 6 अगस्त को इस बात की पुष्टि कर दी है; केवल उन्हीं मामलों में ही बैंक ऐसा कर सकता है, जब वह उपकरण खुद बैंक के ऋण पर खरीदा गया होप्रश्न 2: क्या बैंक किसी भी स्थिति में फोन या लैपटॉप को लॉक नहीं कर सकते?उत्तर: बैंक केवल एक ही शर्त पर किसी डिवाइस को निष्क्रिय कर सकते हैं; बशर्ते कि वह मोबाइल या लैपटॉप उसी बैंक या कंपनी के ऋण से खरीदा गया हो।
यदि ऋण या वित्तीय सहायता किसी अन्य उद्देश्य के लिए ली गई है, तो डिवाइस को लॉक करना पूरी तरह से रोक दिया जाएगागोपनीयता का अधिकार: ऋण वसूली के नाम पर कोई भी एजेंसी आपके व्यक्तिगत डेटा, फोटो या संपर्क सूची को सार्वजनिक नहीं कर सकती
कॉल करने का समय: रिकवरी एजेंट केवल सुबह 8 बजे से शाम 7 बजे के बीच ही कॉल कर सकते हैं
शिकायत प्रक्रिया: यदि कोई रिकवरी एजेंट अभद्र भाषा का प्रयोग करता है, तो आप पहले बैंक के नोडल ऑफिसर एवं आरबीआई के ओम्बड्समैन पोर्टल पर शिकायत दर्ज कर सकते हैं
प्रश्न 3: जिन मामलों में डिवाइस का वित्तपोषण हो चुका है, क्या बैंक तुरंत फोन बंद कर सकते हैं?उत्तर: नहीं।
आरबीआई ने कहा है कि यदि कोई डिवाइस ऋण पर खरीदा गया हो, तो बैंक सीधे या शुरू से ही फोन को लॉक नहीं कर सकते। बैंकों को चरणबद्ध तरीके से ऐसा करना होगा