जल जीवन मिशन कार्यों में लापरवाही पर कलेक्टर सख्त, 31 मई तक हर हाल में पूर्ण करने के निर्देश।
दतिया। जिले में संचालित जल जीवन मिशन के कार्यों में हो रही धीमी प्रगति और लापरवाही पर कलेक्टर स्वप्निल वानखड़े ने कड़ा रुख अपनाया है। गुरुवार को न्यू कलेक्ट्रेट कार्यालय के सभाकक्ष में आयोजित जल एवं स्वच्छता मिशन की समीक्षा बैठक में कलेक्टर ने अधिकारियों को स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा कि निर्धारित समय सीमा के भीतर सभी कार्यों को गुणवत्ता के साथ पूरा करना सुनिश्चित करें, अन्यथा जिम्मेदारी तय की जाएगी।
बैठक में जल जीवन मिशन अंतर्गत पुनरीक्षित योजनाओं की वर्तमान स्थिति, प्रगति और चुनौतियों की विस्तृत समीक्षा की गई। कलेक्टर ने विशेष रूप से टेस्टिंग कार्यों में हो रही धीमी गति पर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि जब पाइपलाइन दो माह* पूर्व ही उपलब्ध करा दी गई है, तो अब तक अपेक्षित प्रगति क्यों नहीं हो पाई है। इस पर उन्होंने संबंधित अधिकारियों से जवाब तलब करते हुए कार्यों में तत्काल तेजी लाने के निर्देश दिए।
कलेक्टर वानखड़े ने कहा कि शासन की प्राथमिकता वाले इस महत्वाकांक्षी योजना में किसी भी प्रकार की ढिलाई या लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने पीएचई विभाग के सभी इंजीनियरों को निर्देशित किया कि वे अपने-अपने कार्यक्षेत्र में नियमित रूप से स्थल निरीक्षण करें और कार्यों की सतत मॉनिटरिंग सुनिश्चित करें।
साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि जमीनी स्तर पर आने वाली समस्याओं—जैसे भूमि विवाद, अतिक्रमण या अन्य बाधाएं—को तत्काल प्रशासन के संज्ञान में लाया जाए, ताकि समय रहते उनका निराकरण किया जा सके। बैठक के दौरान कलेक्टर ने स्पष्ट निर्देश दिए कि 31 मई 2026 तक सभी निर्धारित कार्यों को अनिवार्य रूप से पूर्ण किया जाए।
उन्होंने कहा कि यह समय सीमा अंतिम है और इसमें किसी प्रकार की ढिलाई स्वीकार नहीं की जाएगी। कार्यों की गुणवत्ता और पारदर्शिता पर विशेष ध्यान देने के निर्देश भी दिए गए।समीक्षा बैठक में हस्तांतरित योजनाओं की प्रगति, आरडब्ल्यूएसएस (RWSS) एवं आरपीडब्ल्यूएसएस (RPWSS) के अंतर्गत आईडी निर्माण की स्थिति, तथा जल जीवन मिशन की एकल योजनाओं के तहत दिए जा रहे फंक्शनल हाउसहोल्ड टैप कनेक्शन (FHTC) की उपलब्धियों और शेष कार्यों की भी विस्तृत जानकारी ली गई।
कलेक्टर ने इन सभी बिंदुओं पर संबंधित अधिकारियों को लक्ष्य निर्धारित कर कार्य करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने कहा कि जल जीवन मिशन का उद्देश्य प्रत्येक ग्रामीण परिवार को नल के माध्यम से शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराना है, इसलिए इसमें किसी भी स्तर पर लापरवाही सीधे आमजन को प्रभावित करती है।
उन्होंने अधिकारियों को जिम्मेदारी और संवेदनशीलता के साथ कार्य करने की नसीहत दी।बैठक में संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे, जिन्होंने अपने-अपने विभागों की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की और कलेक्टर के निर्देशों के अनुसार आगामी कार्ययोजना तैयार करने का आश्वासन दिया।




