गेहूं सत्यापन, फसल सर्वे और अतिक्रमण हटाने पर कलेक्टर सख्त—लापरवाही पर होगी कड़ी कार्रवाई
दतिया। कलेक्टर स्वप्निल वानखड़े की अध्यक्षता में सोमवार को आयोजित समय-सीमा बैठक में जिले के विभिन्न विभागों के कार्यों की विस्तार से समीक्षा की गई।
बैठक के दौरान कलेक्टर ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि शासन की प्राथमिकता वाले सभी कार्यों को तय समय-सीमा में पूर्ण किया जाए, अन्यथा संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
बैठक में कलेक्टर ने विशेष रूप से गेहूं सत्यापन कार्य को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। उन्होंने समस्त राजस्व अधिकारियों से कहा कि समर्थन मूल्य पर गेहूं उपार्जन से जुड़े सत्यापन कार्यों में किसी प्रकार की ढिलाई न बरती जाए।
इसके साथ ही कृषि विभाग को निर्देशित करते हुए उन्होंने फसल सर्वे एवं फसल बीमा से संबंधित कार्यों को भी समय पर पूर्ण करने के निर्देश दिए, ताकि किसानों को योजनाओं का लाभ समय पर मिल सके। कलेक्टर वानखड़े ने अतिक्रमण हटाने की कार्यवाही को लेकर सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
उन्होंने इंदरगढ़ स्थित शीतला माता मंदिर एवं पीतांबरा पीठ मंदिर के आसपास से तत्काल अतिक्रमण हटाने के निर्देश दिए, ताकि श्रद्धालुओं एवं आमजन को किसी प्रकार की असुविधा न हो और यातायात व्यवस्था सुचारु बनी रहे। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि निर्धारित समय में अतिक्रमण नहीं हटाया गया तो संबंधित अधिकारियों पर जुर्माना सहित सख्त कार्रवाई की जाएगी।
लोक सेवा गारंटी अधिनियम एवं सीएम हेल्पलाइन के लंबित प्रकरणों की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने गहरी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने स्पष्ट कहा कि सभी अधिकारी इन प्रकरणों को गंभीरता से लें और समय-सीमा के भीतर उनका निराकरण सुनिश्चित करें।
सीएमओ इंदरगढ़ को विशेष रूप से चेतावनी देते हुए कहा गया कि भविष्य में कोई भी प्रकरण समय सीमा से बाहर नहीं जाना चाहिए, अन्यथा प्रतिदिन के हिसाब से जुर्माना लगाया जाएगा। बैठक में निराश्रित गोवंश के व्यवस्थापन को लेकर भी निर्देश दिए गए। कलेक्टर ने सभी सीएमओ को तत्काल गोवंश के स्थानांतरण की कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा। वहीं जनगणना कार्य की समीक्षा करते हुए उन्होंने स्वगणना कार्य को गंभीरता से लेने और इसे निर्धारित समय में पूर्ण करने के निर्देश दिए।
आंगनवाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिका भर्ती प्रक्रिया में प्राप्त दावा-आपत्ति प्रकरणों की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने कहा कि जिन आवेदकों को निराकरण से संतुष्टि नहीं है, वे कलेक्टर न्यायालय में अपील कर सकते हैं। इसके साथ ही राजस्व न्यायालयों में लंबित प्रकरणों के शीघ्र निराकरण के निर्देश देते हुए उन्होंने अगले सप्ताह पुनः समीक्षा बैठक आयोजित करने की बात कही, पट्टा सर्वे कार्य की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने निर्देश दिए कि पात्र हितग्राहियों को शीघ्र ही पट्टों का वितरण जनप्रतिनिधियों के माध्यम से किया जाएगा।
इसके लिए सभी आवश्यक तैयारियां समय रहते पूर्ण कर ली जाएं। बैठक में प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना, स्वामित्व योजना, एएनसी पंजीकृत महिलाओं की समग्र आईडी निर्माण, अवमानना प्रकरण, अंतर्विभागीय मुद्दों एवं समय-सीमा में लंबित पत्रकों की भी विस्तार से समीक्षा की गई और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
बैठक में मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत दतिया अक्षय कुमार तेम्रवाल, संयुक्त कलेक्टर श्रुति अग्रवाल सहित सभी जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।




