दतिया में तीन शस्त्र लाइसेंस निलंबित, दुरुपयोग की आशंका पर प्रशासन की सख्त कार्रवाई।
दतिया। जिले में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से जिला प्रशासन द्वारा एक महत्वपूर्ण कार्रवाई की गई है। जिला मजिस्ट्रेट स्वप्निल वानखड़े ने पुलिस अधीक्षक की रिपोर्ट के आधार पर जिले के तीन व्यक्तियों के शस्त्र लाइसेंस निलंबित कर दिए हैं।
यह कार्रवाई आयुध अधिनियम, 1959 की धारा 17(3) के तहत की गई है, जो सार्वजनिक सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए प्रशासन को ऐसे अधिकार प्रदान करती है, प्रशासन द्वारा जारी आदेश के अनुसार जिन व्यक्तियों के शस्त्र लाइसेंस निलंबित किए गए हैं, उनमें रोहित बोहरे (पिता कृष्णकांत बोहरे), जंडेल सिंह (पिता हाकिम सिंह रावत) एवं नाहर सिंह रावत (पिता वीर सिंह रावत) शामिल हैं।
तीनों के विरुद्ध विभिन्न आपराधिक धाराओं में प्रकरण दर्ज हैं, जिसके चलते उनके द्वारा शस्त्र के दुरुपयोग की आशंका व्यक्त की गई है।सूत्रों के अनुसार, पुलिस द्वारा प्रस्तुत रिपोर्ट में इन लाइसेंसधारियों की गतिविधियों को संदिग्ध बताते हुए लाइसेंस निलंबन की अनुशंसा की गई थी।
रिपोर्ट में यह भी उल्लेख किया गया कि वर्तमान परिस्थितियों में इन व्यक्तियों के पास शस्त्र बने रहना कानून-व्यवस्था के लिए खतरा उत्पन्न कर सकता है।जिला मजिस्ट्रेट द्वारा आदेश जारी करते हुए स्पष्ट किया गया है कि संबंधित व्यक्तियों के शस्त्र लाइसेंस अंतिम निराकरण तक निलंबित रहेंगे।
साथ ही, उन्हें निर्देशित किया गया है कि वे अपने-अपने शस्त्र एवं लाइसेंस तत्काल प्रभाव से संबंधित थाना क्षेत्र में जमा कराएं। आदेश का उल्लंघन करने पर उनके विरुद्ध सख्त वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
प्रशासन की इस कार्रवाई को जिले में कानून व्यवस्था को सुदृढ़ करने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है, अधिकारियों का कहना है कि भविष्य में भी इस प्रकार की कार्रवाई जारी रहेगी
और किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधियों या कानून के दुरुपयोग को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा, स्थानीय नागरिकों ने भी इस निर्णय का स्वागत करते हुए कहा है कि इससे जिले में शांति एवं सुरक्षा व्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
प्रशासन द्वारा उठाए जा रहे ऐसे कदम आमजन में विश्वास पैदा करते हैं और अपराध नियंत्रण में सहायक सिद्ध होते है।




