सयुंक्त समीक्षा बैठक में दिए निर्देश
शाहपुरा (भीलवाड़ा)-राजेन्द्र खटीक। भीलवाड़ा-भीलवाड़ा विधायक अशोक कोठारी ने जल संसाधन विभाग,नगर निगम, नगर विकास न्यास, जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग एवं सार्वजनिक निर्माण विभाग के अधिकारियों की संयुक्त समीक्षा बैठक लेकर शहर में चल रहे विभिन्न विकास एवं निर्माण कार्यों की प्रगति की जानकारी ली तथा आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान किए।
बैठक में शहर की प्रमुख जल निकासी व्यवस्थाओं, मेजा बांध से निकलने वाली नहरो की मरम्मत एवं निर्माण कार्यों , मानसरोवर झील, गांधी सागर तालाब एवं नेहरू तलाई सहित विभिन्न छोटे-बड़े नालों एवं नालियों की स्थिति की समीक्षा की गई।विधायक कोठारी जी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि बारिश से पूर्व सभी नालों एवं नालियों की समुचित सफाई सुनिश्चित की जाए तथा गंदे पानी के निकास मार्गों को अवरोधमुक्त रखा जाए।
उन्होंने जलभराव संभावित क्षेत्रों में चल रहे सफाई कार्यों की प्रगति पर भी चर्चा करते हुए सभी कार्य समयबद्ध रूप से पूर्ण करने के निर्देश दिए।बैठक में शहर के विभिन्न क्षेत्रों में लंबित सड़कों, नालियों एवं नई कॉलोनियों में स्वीकृत विकास कार्यों की समीक्षा की गई।विधायक ने संबंधित विभागों को सभी निर्माण कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र पूर्ण करने तथा आमजन को राहत पहुंचाने के लिए विभागों के बीच बेहतर समन्वय बनाए रखने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि जहां भी नालों की सफाई, निर्माण कार्य अथवा क्षतिग्रस्त पेयजल लाइनों के रखरखाव की आवश्यकता है, वहां संबंधित विभाग आपसी तालमेल के साथ कार्य करें ताकि मानसून के दौरान नागरिकों को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। विधायक ने सभी अधिकारियों को बारिश से पूर्व आवश्यक कार्यों का निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
बैठक में जल संसाधन विभाग के अधिशासी अभियंता हितेश कुमार मेघवाल,सहायक अभियंता जगदीश डांगी , नगर विकास न्यास के अधिशासी अभियंता रामप्रसाद जाट, राजू बढ़ेरिया, कनिष्ठ अभियंता रोहन जैन, नगर निगम के अधिशासी अभियंता अखेराम बगडोदिया, पवन नुवाल एवं शंभूलाल, जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के अधिशासी अभियंता किशन खोईवाल तथा सार्वजनिक निर्माण विभाग के सहायक अभियंता साहिल शर्मा उपस्थित थे।
इस अवसर पर नगर विकास न्यास के पूर्व अध्यक्ष लक्ष्मीनारायण डाड, एडवोकेट अर्पित कोठारी, गजेन्द्र सिंह राठौड़, संजय राठी, सुभाष बाहेती, भगवान सिंह चौहान एवं बाबूलाल टाक मौजूद रहे।















